Interest + Vision के साथ बढ़ेें स्टार्ट-अप की ओर

मैं 12वीं (साइंस) के अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहा हूं। मैं बिजनेसमैन बनना चाहता हूं, इसलिए कृपया मुझे सुझाव दें कि रिजल्ट निकलने के बाद मुझे आगे क्या करना चाहिए?

रजत झा, सीतामढ़ी

यह बहुत अच्छी बात है कि आप सरकारी या प्राइवेट नौकरी के पीछे भागने के बजाय बिजनेसमैन बनने का जज्बा रखते हैं। सही विजन के साथ कोई भी बिजनेस में कामयाब हो सकता है। आज आप जैसे सैकड़ों-हजारों युवा बिना किसी बिजनेस बैकग्राउंड के सफलता के साथ अपना स्टार्ट-अप चला रहे हैं। आप भी इस राह पर आगे बढऩा चाहते हैं, तो सबसे पहले यह देखें कि किस तरह के बिजनेस में आपका ज्यादा इंट्रेस्ट है? जल्दबाजी या अति-उत्साह में किसी ओर कदम बढ़ाने की बजाय अच्छी तरह सोच-विचार लें। जरूरी लगे, तो घर वालों, दोस्तों या किसी काउंसलर की सलाह भी लें। जिस किसी नतीजे पर पहुंचे, उससे संबंधित क्षेत्र में अपनी जानकारी बढ़ाएं। हो सके, तो किसी उपयुक्त संस्थान से अपडेटेट व्यावहारिक कोर्स भी करें। उस क्षेत्र से संबंधित बिजनेस में आगे की संभावनाओं पर भी विचार करें। इन सब बातों को सुनिश्चित कर लेने के बाद ही कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ें। कामयाबी जरूर मिलेगी।

कॉन्सेप्ट को बनाएं क्लियर

मैंने 11वीं क्लास में कॉमर्स लिया है। मैं आइएएस की तैयारी करना चाहता हूं। कृपया मेरा मार्गदर्शन करें।

नाजिश नजर, ई-मेल से

आइएएस यानी इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा है। इस सेवा के लिए चयन संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के जरिए होता है। इसमें किसी भी स्ट्रीम और श्रेणी से ग्रेजुएशन करने वाले कैंडिडेट्स अपीयर हो सकते हैं। इस एग्जाम के तीन चरणों में प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा के अलावा इंटरव्यू शामिल है। प्रारंभिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव टाइप क्वैश्चंस पर आधारित सामान्य अध्ययन और सीसैट के दो पेपर होते हैं। प्रिलिम्स क्वालिफाई करने के बाद मुख्य परीक्षा में प्रवेश दिया जाता है, जिसमें निबंधात्मक प्रकृति के प्रश्नों पर आधारित जीएस के चार और निबंध के एक अनिवार्य प्रश्नपत्र के अलावा अभ्यर्थी द्वारा चुने गए एक वैकल्पिक विषय के दो प्रश्नपत्र होते हैं। सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी का अनिवार्य पेपर भी होता है, जिसे क्वालिफाई करना जरूरी होता है। हालांकि, इसके अंक मेरिट लिस्ट बनाते समय नहीं जोड़े जाते। मुख्य परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए कॉल किया जाता है। मेन्स और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट लिस्ट बनाई जाती है। जहां तक इसकी तैयारी की बात है, तो सबसे पहले आप यूपीएससी की वेबसाइट से इसका सिलेबस डाउनलोड करें। सामान्य अध्ययन की तैयारी के लिए आप एनसीईआरटी की नौवीं से बारहवीं तक की सभी विषयों की किताबें पढ़ें। कॉन्सेप्ट समझकर नोट्स भी बनाएं। करेंट इवेंट के लिए रोजना अखबार पढ़ें। किसी विषय पर अपनी तार्किक धारणा बनाने के लिए उसके सभी पहलुओं को समझें। वैकल्पिक विषय आप आयोग की सूची से कुछ भी चुन सकते हैं। जरूरी नहीं कि आपने उसे ग्रेजुएशन में पढ़ा ही हो।

नियमों के अनुसार करें पढ़ाई

मैंने 2014 में 12वीं का एग्जाम दिया था, पर नंबर कम आने से 2015 में पुन: एग्जाम दिया। हालांकि, 2014 में ही मैंने बीएससी का फॉर्म भी भर दिया। कृपया बताएं कि आगे चलकर मुझे क्या परेशानी आ सकती है?

वी. कुुमार, ई-मेल से

अगर 2015 का रिजल्ट बेहतर होता है, तो अच्छा यही होगा कि आप इसी के आधार पर आगे के कोर्स करें। अगर 2014 के आधार पर बीएससी को जारी रखते हैं, तो इसके साथ 2015 को जोडऩा अनुचित होगा। आप नियमत: ऐसा नहीं कर सकते।

अपडेटेड हार्डवेयर कोर्स ही करें

मैं बीएससी मैथ्स से कर रहा हूं। कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर बनना चाहता हूं। कृपया बताएं कि इसके लिए मुझे आगे क्या करना चाहिए?

देवेन्द्र कुमार, इटावा

कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर बनने के लिए आप बीएससी के साथ-साथ किसी प्रामाणिक प्राइवेट इंस्टीट्यूट से चिप लेवल हार्डवेयर/नेटवर्किंग का कोर्स कर सकते हैं। आप चाहें तो बीएससी के बाद भी एक साल के इस कोर्स को कर सकते हैं। हां, कोर्स जिस किसी संस्थान से करें, यह जरूर देख लें कि वहां अपडेटेड और ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की सुविधा है या नहीं। ऐसा होने पर आप वहां से अच्छी नॉलेज हासिल कर सकते हैं। इससे आपको बड़ी आइटी कंपनियों में जॉब पाने में आसानी होगी।

- करियर से संबंधित सवाल

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अरुण श्रीवास्तव

Posted By: Babita kashyap