GOOGLE GLASS है क्या
गूगल ग्लास की लॉन्चिंग के बाद टेक्नोक्रेट्स और गैजेट्स के शौकीनों को इसके बाजार में उतरने का इंतजार है। हालांकि अमेरिका में यह एप्स डेवलेपर्स और टेक्नोलॉजी रिसर्चर्स के लिए उपलब्ध है। उम्मीद है कि जल्द ही यह दुनियाभर में उपलब्ध होगा। लेकिन हाल ही में इस टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ सवाल भी उठे। क्या हैं ये सवाल और क्या है गूगल ग्लास प्रोजेक्ट, जानें..

क्या है गूगल ग्लास
दिखने में यह स्टार ट्रैक स्टाइल हाई-टेक चश्मे जैसा लगता है। यह केवल चश्मे जैसा दिखता है असल में है नहीं। गूगल के रिवॉल्यूशनरी गूगल ग्लास प्रोजेक्ट ने आज बाजार में हलचल मचा रखी है। दरअसल गूगल ग्लास प्रोजेक्ट एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिसमें डेटा को लैपटॉप, टेब की सीमाओं से आजाद कर हरदम अपनी नजरों के सामने रखने की कोशिश की गई है। आसान शब्दों में गूृगल ग्लास कैमरा, डिस्प्ले, टचपैड, बैटरी,माइक्रोफोन का कॉम्बिनेशन है जिसे चश्मे की शक्ल में पहना जा सकता है। इसमें आप फिल्में देखना, सर्च, नेविगेशन, फेसबुक, शेयरिंग समेत गूगल कीतमाम एप्लीकेशन्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
एंड्रॉयड देगा नई ताकत
पिछले दिनों गूगल ने सबको चौंकाते हुए गूगल ग्लास के एंड्रायड वर्जन का ऐलान किया। कं पनी का कहना है कि गूगल ग्लास एंड्रायड पर काफी पहले से काम हो रहा था। इससे गूगल ग्लास की ट्रांसपोर्टेबिलिटी और बढेगी, यानी अब आप चलते-फिरते बिना किसी परेशानी के इसका कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल कर अपना काम निपटा सकते हैं। इसके अलावा इसके 5 एमपी कैमरे से 720 वीडियो रिकॉर्डिग, ब्लूटूथ मोबाइल फोन से कंपटैबिलिटी और 16 जीबी इंटर्नल स्टोरेज इसकी लोकप्रियता में इजाफा कर सकती है।
नहीं कर सकते रीसेल
तकनीक के मामले में गूगल ग्लास तो अव्वल है, लेकिन आप इसे दूसरे को बेचना/ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो परेशानी है। दरअसल हर डिवाइस गूगल ओनर्स अकांउट पर रजिस्टर किया जाता है। लिहाजा अपने डिवाइस को रीसेल करने या किसी और को सौंपने की जानकारी इस पर आसानी से चली जाती है। इसके टर्म्स ऑफ सेल्स में साफ-साफ कहा गया है कि बिना गूगल को सूचित किए इसको बेचना या ट्रांसफर करना मुमकिन न होगा। ऐसा करने पर कंपनी सेवा बंद कर सकती है।
कई जगह लगे हैं प्रतिबंध
अभी गूगल ग्लास बाजार में आया भी नहीं है और इसका विरोध शुरू हो गया है। दुनिया में कई जगहों, दुकानों में इसकी ब्रिकी पर रोक लगा दी गई है-कारण इससे प्रभावित होने वाली प्राइवेसी। इस पर रोक का समर्थन करने वालों का साफ कहना है कि गूगल ग्लास की मदद से यूजर्स बिना सामने वाले की जानकारी के उसकी फोटो/ वीडियो बना सकते हैं जिसका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है।
रेट पर जरा संभल के
विशेषज्ञों के मुताबिक आम कस्टमर के लिए गूगल ग्लास की कीमत थोडी मंहगी लग सकती है। यदि आप इसे खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो जेब ज्यादा ढीली करनी पड सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसका प्राइस टैग 81000 रुपये (1500 डॉलर) के आसपास होगा।
फिलहाल नहीं होंगे ऐड
गूगल का कहना है कि शुरुआत में गूगल ग्लास एड-फ्री होगा। मतलब कि इसके डिस्प्ले में आपको मजबूरन विज्ञापन नहीं देखने पडेंगे। हालांकि इसके पहले फेसबुक, ट्विटर आदि सभी विज्ञापन के बगैर सर्विस देने का वायदा कर चुके हैं। लेकिन आज सभी में एड मॉडल पर काम कर रहे हैं।
साल के आखिर में होंगे दीदार डिवाइस का मास स्केल पर प्रोडक्शन शुरू हो गया है, लेकिन एक आम उपभोक्ता के लिए यह इस साल के अंत तक ही उपलब्ध हो पाएगा।
पीयूष द्विवेदी
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