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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरपीएफ टीम ने 14 नाबालिग लड़कियों को मानव तस्कर के चंगुल से बचाया

By JagranEdited By:
Published: Thu, 28 Apr 2022 08:08 PM (IST)

कागजी कारवाई करने के बाद आरपीएफ ने नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है।

आरपीएफ टीम ने 14 नाबालिग लड़कियों को मानव तस्कर के चंगुल से बचाया
आरपीएफ टीम ने 14 नाबालिग लड़कियों को मानव तस्कर के चंगुल से बचाया

आरपीएफ टीम ने 14 नाबालिग लड़कियों को मानव तस्कर के चंगुल से बचाया

जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर : चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन में आरपीएफ की महिला जवानों ने मेरी सहेली अभियान के तहत 14 नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करों के चंगुल से बचा लिया है। मानव तस्कर इन नाबालिग लड़कियों को काम दिलाने के लिए चेन्नई लेकर जा रहे थे। कागजी कारवाई करने के बाद आरपीएफ ने नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार बचाई गई सभी नाबालिग लड़कियां पश्चिम सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न इलाकों से हैं। चक्रधरपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक में बुधवार रात को 14 नाबालिग लड़कियां संदिग्ध अवस्था में बैठी थी। नाबालिग लड़कियों से एंटी ह्ययूमन ट्रेफिकिंग यूनिट (आहतु) द्वारा मेरी सहेली आपरेशन के तहत महिला आरपीएफ जवानों ने पूछताछ की जिसमें मामला संदिग्ध नजर आया। सभी नाबालिग लड़कियों को महिला आरपीएफ की टीम ने आरपीएफ पोस्ट में रातभर सुरक्षित रखा। नाबालिग लड़कियों के आरपीएफ के हाथों में जाता देख मानव तस्कर फरार होने में कामयाब रहा। चाइल्ड लाइन के पूछताछ में पता चला की सभी नाबालिग लड़कियों का फर्जी आधार कार्ड बनाकर 14 से 16 साल की लड़कियों को बालिग दिखाते हुए मानव तस्करी की जा रही थी। इन सभी लड़कियों को चेन्नई के एक सूत बनाने वाले फैक्ट्री में काम दिलाने व शादी समारोह में जाने का बहाना बनाकर जबरन ले जाया जा रहा था। आरपीएफ ने सभी नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड लाइन को सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद चाइल्ड लाइन ने सभी को ले जाकर सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत किया और वहां से फिर छाया बालिका गृह में सुरक्षित रखा गया। इनकी औपचारिकता पूरी कर इनके परिजनों को सौंपा जायेगा।

नाबालिग लड़कियों को बचाने में इनका रहा योगदान :

नाबालिग लड़किया को मानव तस्कर के हाथों में बचाने में आरपीएफ की महिला जवानों की टीम का खास योगदान रहा। जिसमें एसआइ सरना मरांडी, हेड कांस्टेबल के राम, सीटी आर पासवान, आहतु एएसआइ डीएन बेहरा, एएसआइ जेके कुशवाहा आदि शामिल हैं। वहीं सृजन महिला विकास मंच द्वारा संचालित गोईलकेरा चाइल्ड लाइन उप केंद्र के टीम लीडर अनन्त प्रधान, टीम मेंबर राशिद अख्तर और पंकाजिनी देवी का मुख्य सहयोग रहा।

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