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    Vande Bharat: वंदे भारत के TTE ने कर दी ऐसी हरकत, पैसेंजर के पास थी कंफर्म टिकट फिर भी...

    Updated: Tue, 27 May 2025 08:56 PM (IST)

    टाटा-बरहमपुर वंदे भारत (Vande Bharat Train TTE) में टीटीई ने छात्रा को कन्फर्म टिकट पर भी उतार दिया। चाईबासा स्टेशन पर हुई इस घटना से छात्रा की कॉलेज की पढ़ाई छूट गई। पिता ने स्टेशन मास्टर से शिकायत की है। पहले भी टीटीई पर सीट बेचने के आरोप लगे थे।

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    वंदे भारत ट्रेन के टीटीई ने कंफर्म टिकट रहने के बावजूद छात्रा को ट्रेन से उतारा

    जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। टाटा से बरहमपुर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन के टीटीई ने भुवनेश्वर के कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा को कंफर्म टिकट रहने के बावजूद ट्रेन से उतार दिया। जिसके कारण छात्रा ट्रेन में सफर नहीं कर पाई और उसके कॉलेज की महत्वपूर्ण पढ़ाई भी छुट गई।

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    घटना चक्रधरपुर रेल मंडल के चाईबासा रेलवे स्टेशन की है। बताया जा रहा है कि रविवार 25 मई को 20 वर्षीय छात्रा भुवनेश्वर जाने के लिए चाईबासा रेलवे स्टेशन में खड़ी थी। जैसे ही उसकी ट्रेन नंबर 20891 टाटा बरहमपुर वंदे भारत ट्रेन चाईबासा स्टेशन पहुंची, छात्रा को उसके पिता विनोद निषाद ने ट्रेन के कंफर्म टिकट की सीट सी 5 के 44 नंबर सीट पर बिठाया।

    हालांकि, इसी दौरान टीटीई मौके पर पहुंचा और उसने टिकट को देखकर कहा की यह उनका रेल टिकट मान्य नहीं है और उस छात्रा को ट्रेन से नीचे उतार दिया और ट्रेन बरहमपुर के लिए रवाना हो गयी।

    छात्रा टिकट रहने के बावजूद ट्रेन में सफर नहीं कर पाई और अपने सामने से बेबसी के साथ ट्रेन को जाते हुए देखने के सिवा कुछ नहीं कर पाई। टीटीई द्वारा ट्रेन से नीचे उतार दिए जाने से छात्रा के सम्मान को तो ठेंस पहुंची ही साथ ही साथ उसकी महत्वपूर्ण पढाई भी छुट गई।

    इस घटना के बाद छात्रा के पिता विनोद निषाद ने चाईबासा स्टेशन मास्टर के समक्ष इसकी शिकायत की। स्टेशन मास्टर ने कहा की उनकी शिकायत को वरीय अधिकारी तक पहुंचा दिया जाएगा। बहरहाल, जिस तरह से चक्रधरपुर रेल मंडल में टीटीई के कारनामे सामने आ रहे हैं उससे यात्री परेशान हैं।

    पीड़ित छात्रा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी की भुवनेश्वर कॉलेज में महत्वपूर्ण पढ़ाई टीटीई के कारण छुट गई। टिकट रहते हुए बेटी को ट्रेन से उतार दिया गया जो की बिलकुल बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। ऐसे टीटीई पर रेल मंडल के वरीय अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आम रेल यात्रियों को परेशानी ना झेलनी पड़े।

    इससे पहले भी टाटा के दो टीटीई को धनबाद एडीआरएम विनीत कुमार ने सीट बेचने के आरोप में पकड़कर कार्रवाई की अनुशंसा कर रखी है।