झारखंड के इस जेल में अब कैदी सीखेंगे कंप्यूटर और सिलाई-कढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधाओं में भी होगा सुधार
चाईबासा मंडल कारा में कैदियों के लिए कंप्यूटर सामान्य शिक्षा और सिलाई-कढ़ाई जैसे प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। जिला कारा सुरक्षा समिति ने यह निर्णय लिया है ताकि कैदियों के कौशल विकास को बढ़ावा मिले। कारागार में चिकित्सकों की नियुक्ति और पेयजल की समस्या का समाधान करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह पहल कैदियों के पुनर्वास में मददगार साबित होगी।

संवाद सहयोगी, चाईबासा। चाईबासा मंडल कारा में बंद कैदियों के लिए अब एक नई पहल शुरू की जा रही है, जिसके तहत उन्हें कम्प्यूटर शिक्षा, सामान्य शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण जैसे सिलाई-कढ़ाई का ज्ञान दिया जाएगा।
शनिवार को जिला कारा सुरक्षा समिति की बैठक में इस संबंध में यह अहम निर्णय लिया गया। उपायुक्त चंदन कुमार ने बताया कि चाईबासा मंडल कारा में बंद कैदियों के बीच शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।
उन्होंने निर्देश दिया कि कैदियों की एक अलग सूची तैयार की जाए, जिसमें वे कैदी शामिल हों जो कम्प्यूटर शिक्षा, सिलाई-कढ़ाई या अन्य व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए इच्छुक हैं। इसके बाद, आवश्यकतानुसार प्रशिक्षकों को कारागार में नियुक्त कर, कैदियों को शिक्षा प्रदान की जाएगी।
समय से कैदियों को मिले स्वास्थ्य सुविधाएं
बैठक के दौरान, सिविल सर्जन डॉ. सुशांत कुमार माझी को कारागार में चिकित्सक और महिला चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति के बारे में भी निर्देश दिया गया, ताकि कैदियों को स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मिल सकें।
इसके अतिरिक्त, कारागार परिसर में पेयजल की समस्या को हल करने के लिए मुख्य पाइप लाइन से अलग-अलग नल का संयोजन करने का आदेश दिया गया।
साथ ही, कारागार परिसर में लगाए गए सोलर पैनल को लोड के हिसाब से अपग्रेड करने के लिए कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया, ताकि बिजली की समस्या को भी सुलझाया जा सके।
अंत में, कारागार सुरक्षा से संबंधित सभी निर्देशों का पालन कड़ाई से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। यह पहल न केवल कैदियों के लिए शिक्षा और कौशल विकास का एक नया अवसर है, बल्कि उनके पुनर्वास की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है।
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