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रेलवे करोड़ों का राजस्व कमा रही, बदले में क्षेत्र की लाइफ लाइन ट्रेनें की जा रहीं बंद, आंदोलन की चेतावनी

Published: Sun, 21 Dec 2025 06:44 PM (IST)

कोल्हान में पैसेंजर ट्रेनें बंद रहने से लोगों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता गुलजार अंसारी ने रेलवे पर राजस्व कमाने ...और पढ़ें

चक्रधरपुर रेल मंडल में पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन नहीं होने से आक्रोश जताते लोग।

चक्रधरपुर रेल मंडल में पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन नहीं होने से आक्रोश जताते लोग।

HighLights

  1. पैसेंजर ट्रेनें बंद रहने से लोगों में आक्रोश।

  2. रेलवे पर राजस्व कमाने और ट्रेनें बंद करने का आरोप।

  3. छात्रों की पढ़ाई और कामगारों की आजीविका प्रभावित।

जागरण संवाद सूत्र, जैंतगढ़। कोल्हान क्षेत्र में passanger Train के लगातार बंद रहने को लेकर लोगों का आक्रोश दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता गुलजार अंसारी ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे कोल्हान क्षेत्र से करोड़ों रुपये का माल ढुलाई कर भारी राजस्व अर्जित कर रही है, लेकिन इसके बदले क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों को किसी न किसी बहाने लगातार बंद किया जा रहा है।

उन्होंने रेलवे के DRM और GM जैसे उच्च अधिकारियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आम यात्रियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। गुलजार अंसारी ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन और रेलवे प्रशासन अपने रवैये में शीघ्र सुधार नहीं करता है, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 

इस मौके पर कोल्हान प्रभारी एससी विभाग एवं सह कामगार कर्मचारी नेता सूरज मुखी ने कहा कि पैसेंजर ट्रेन सेवा बहाल करने की मांग को लेकर वे पिछले कई महीनों से जीएम, डीआरएम और क्षेत्रीय सांसद को लगातार ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। 
 
ट्रेन सेवाएं बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी छात्रों को हो रही है। बाहर पढ़ाई करने वाले कई छात्र मजबूरन अपनी पढ़ाई छोड़ने को विवश हो रहे हैं। 
 
उन्होंने आगे कहा कि पैसेंजर ट्रेनों के बंद रहने से छोटे-मोटे कामगार, दुकानदार और दैनिक यात्रियों की आजीविका पर भी सीधा असर पड़ा है। रेलवे से जुड़े कई रोजगार समाप्त हो गए हैं, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। 
 
उन्‍होंने कहा क‍ि यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। इस दौरान शिवचरण बानरा, ललित बोबोंग, क्रांति तिरया, राज बेहरा, गगन पूर्ति, शिवा रजक, पूर्व मुखिया अंबाई केरई, उप मुखिया मानसिंह बानरा, सुभाष पूर्ति, वेंकट राव, अहमद अंसारी, महताब अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।