सीनियर डीसीएम ने 2 TTE को वंदे भारत ट्रेन से उतारकर टाटानगर स्टेशन ड्यूटी में लगाया, जांच जारी
पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में बेटिकट यात्रियों को ले जाने के आरोप में दो टीटीई को निलंबित कर दिया गया है। धनबाद रेल मंडल के एडीआरएम ने औचक निरीक्षण में उन्हें पकड़ा था। एक अन्य मामले में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि चाईबासा में एक युवती को वैध टिकट के बावजूद ट्रेन से उतरने के लिए मजबूर किया गया था जिसकी जांच चल रही है।
जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। पटना टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में बिना टिकट 11 लाेगों को यात्रा करवाने के मामले में टीटीई नसीम और टीटीई अर्जुन साहू को ट्रेन की ड्यूटी से हटा दिया गया है। अब उन्हें टाटानगर स्टेशन ड्यूटी पर लगाया गया है।
मालूम रहे कि इन दोनों टीटीई को धनबाद रेल मंडल के एडीआरएम विनीत कुमार अपनी औचक जांच में ऑन ड्यूटी भ्रष्टाचार करते हुए 11 मई को पकड़ा था। दोनों टीटीई बेटिकट यात्रियों को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सीट बेच रहे थे और अपनी जेब गर्म कर रहे थे।
जिसकी विस्तृत रिपोर्ट धनबाद एडीआरएम द्वारा प्रस्तुत करने के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने कार्रवाई की है। सीनियर डीसीएम ने बताया है कि फिलहाल दोनों आरोपी टीटीई को ट्रेन की ड्यूटी से हटा दिया गया है और स्टेशन में ड्यूटी पर लगाया गया है। जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इधर, चाईबासा में टिकट रहने के बावजूद युवती को ट्रेन से उतारे जाने के मामले में भी सीसीटीवी की जांच पूरी हो गयी है। जिससे टीटीई द्वारा फैलाया गया झूठ का पर्दाफाश हो गया है। जिसमें वंदे भारत ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज में साफ़ तौर पर देखा गया कि युवती चाईबासा स्टेशन में ट्रेन पर चढ़ी थी और ट्रेन में मौजूद रेलवे के कर्मचारियों से टिकट दिखाकर बात की है।
इससे साफ़ हो गया है की 25 मई को युवती समय पर ट्रेन में सवार होने आई थी, लेकिन ट्रेन के कर्मचारियों से गुमराह होने के बाद वह डर से ट्रेन से उतर गयी। सीनियर डीसीएम ने कहा की युवती ने वेटर या सफाई कर्मी से बात की है। टीटीई से उसकी बात नहीं हुई। उसे ट्रेन से क्यों उतरने के लिए मजबूर किया गया, इसकी जांच की जा रही है। उसे टीटीई से बात क्यों नहीं कराई गयी इसकी भी जांच की जा रही है।
मालूम रहे कि टाटा बरहमपुर वंदे भारत एक्सप्रेस में एक कॉलेज कि युवती ट्रेन पर सवार होने आई। उसके पिता विनोद निषाद ने शिकायत दर्ज की थी की उसे टीटीई और ट्रेन के अन्य कर्मियों ने उनके टिकट को वंदे भारत का टिकट नहीं बताकर उतार दिया था और वह ट्रेन में सफर नहीं कर पायी थी। दैनिक जागरण में छपने के बाद चक्रधरपुर रेल मंडल के कुछ टीटीईयों ने सोशल मिडिया में खबर फैलाई कि युवती समय पर स्टेशन नहीं पहुंची थी और उसकी ट्रेन छुट गयी थी।
टीटीई ने महिला यात्री पर आरोप लगाया था कि रिफंड के पैसे वसूलने के लिए छात्रा और उसके पिता झूठी कहानी गढ़ कर रेलवे और टीटीई को बदनाम कर रहे हैं, लेकिन वंदे भारत ट्रेन की सीसीटीवी कि आई फूटेज में साफ़ देखा जा सकता है की लड़की ट्रेन में सादे शर्ट में टाई लगाये ट्रेन के कर्मी से बात कर रही है। अपना टिकट भी दिखा रही है, लेकिन ट्रेन इतना कम समय चाईबासा स्टेशन में रुकती है और ट्रेन का गेट बंद होने का भी डर रहता है कि वह ट्रेन से उतर जाती है। इस मामले को सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने गंभीरता से ले लिया है आखिर क्यों ट्रेन में वैध टिकट के बावजूद युवती को ट्रेन से उतरना पड़ा।
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