संवाद सहयोगी, चाईबासा : सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल चाईबासा में एक दिवसीय वैदिक जागरण शिविर आर्य उद्बोघन का आयोजन किया गया। शिविर का आरंभ 11 कुंडीय हवन-यज्ञ के साथ प्रभातफेरी कर किया गया। डीएवी पब्लिक स्कूल के झारखंड जोन बी व एफ के क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. केसी श्रीवास्तव को मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। डॉ. केसी श्रीवास्तव ने कहा की डीएवी स्कूल हमारी मौजूदा आवश्यकता की पूर्ति करती है। उन्होंने निस्मृह सन्यास एनडी ग्रोवर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए शिक्षकों से नि:संकोच विद्यालय हित में सुझाव देने की अपील की। पंडित वासुदेव शास्त्री ने महर्षि दयानंद विरचित सत्याथ प्रकाश व संस्कार विधि पुस्तकों की महत्ता पर प्रेरक प्रसंगों के माध्यम में प्रकाश डाला। स्वामी श्रदानन्द ने ही सर्वप्रथम गांधीजी को महात्मा की उपाधि से नमाजा था। प्राचार्य रेखा कुमारी ने कविता पाठ द्वारा भाव अभिव्यक्त करते हुए कहा कि महर्षि दयानन्द के विचारों को हम आत्मसात करें। रीषि गाया व आर्य समाज के दस नियमों की प्रस्तुति सराहनीय रहा। भजन, प्रवचन व सामूहिक गीत नृत्य से शिविर इंद्रधनुष हो उठा। मोमवेशजी ने बच्चों को ऊंची उड़ान भरने की बात कही। पंडित जगबंधु शास्त्री, प्रकाशानन्द व अशुतोष शास्त्री ने सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर एसके पाठक, प्रज्ञा ¨सह, एसके झा, टीके मिश्रा, एन पसायत, अनूप कुमार, एलएमसी सदस्य अभिषेक दोदराजका, टाटा कॉलेज के पूर्व प्रचार्य बीएन टुडू व शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एसबी ¨सह ने किया। बता दें कि वैदिक जागरण शिविर को लेकर छात्र-छात्राओं में पहले से काफी उत्सुकता थी।

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