चक्रधरपुर रेल मंडल में झाड़ी कटिंग के दौरान दर्दनाक हादसा, मालगाड़ी की चपेट में आने से ट्रैक मेंटेनर की मौत
चक्रधरपुर रेल मंडल में झाड़ी कटिंग के दौरान मालगाड़ी की चपेट में आने से ट्रैक मेंटेनर लंका पुरती की मौत हो गई। यह हादसा रविवार सुबह पांड्राशाली और राज ...और पढ़ें

मृतक की फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, चाईबासा। नववर्ष के चौथे दिन चक्रधरपुर रेल मंडल में एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर ड्यूटी के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ। चाईबासा पीडब्ल्यूआई के अंतर्गत पांड्राशाली और राजखरसावां रेल लाइन के बीच झाड़ी कटिंग कार्य के दौरान ट्रैक मेंटेनर लंका पुरती की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा रविवार सुबह करीब 10.30 बजे हुआ, जिससे रेलवे कर्मचारियों में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक ट्रैक मेंटेनर लंका पुरती (45 वर्ष) ग्रेड पे 1900 में कार्यरत थे।
जानकारी के अनुसार, वे 301-17ए/19ए थर्ड लाइन पर डाउन दिशा में रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ी (बुश) कटिंग का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान डाउन लाइन से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आ गए।
हादसा इतना भीषण था कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि यह कार्य रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर कराया जा रहा था। घटना के बाद ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने कहा कि आखिर कब तक ट्रैक मेंटेनर ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि साल की शुरुआत में ही यह दुखद घटना सामने आई है, जबकि बीते एक वर्ष में अब तक 11 ट्रैक मेंटेनरों की जान जा चुकी है।
यूनियन ने ट्रैक मेंटेनरों के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था, पर्याप्त संसाधन और सतर्कता के साथ कार्य कराने की मांग की है। मृतक लंका पुरती झींकपानी थाना क्षेत्र के टुटुगुटू गांव के निवासी थे।
उनके परिवार में पत्नी सावित्री पुरती, एक बेटी चांदमुनी पुरती (16) और दो पुत्र मनीष पुरती (14) तथा सावन पुरती (12) हैं। कुल पांच संतानों में दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और दो बेटे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस के पास रेलवे विभाग और यूनियन के पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें लालू कुजूर (अर्बन बैंक डेलीगेट), खेत्रो मोहन देवगम (एसएसई), दुर्गा प्रसाद धवाड़ियां, नरेंद्र वर्मा, अनिरुद्ध प्रधान सहित अन्य ट्रैक मेंटेनर और रेलवे अधिकारी शामिल थे।

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