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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खरसावां-कुचाई प्रखंड के 19 गांवों की 3400 हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित

By JagranEdited By:
Published: Sat, 05 Feb 2022 06:00 AM (IST)

प्रखंड की महत्वाकांक्षी सुरु सिंचाई योजना का निर्माण कार्य लगभग ढाई साल बाद एक बार फिर शुरू होगी। मई 2019 ...और पढ़ें

खरसावां-कुचाई प्रखंड के 19 गांवों की 3400 हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित
खरसावां-कुचाई प्रखंड के 19 गांवों की 3400 हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित

संवाद सूत्र, खरसावां : प्रखंड की महत्वाकांक्षी सुरु सिंचाई योजना का निर्माण कार्य लगभग ढाई साल बाद एक बार फिर शुरू होगी। मई 2019 में डैम निर्माण स्थल के समीप हुई नक्सली घटना के बाद से ही डैम का निर्माण कार्य बंद था। अब पुन: निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। शुक्रवार को हुडांगदा के समीप डैम निर्माण स्थल पर विभागीय अभियंता व स्थानीय लोगों की उपस्थिति में विधायक दशरथ गागराई ने सुरू सिंचाई योजना के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। विधायक ने कहा कि वर्षों पूर्व इस योजना के तहत कुछ विस्थापितों को सरकार से मुआवजा मिला था। परंतु इस योजना के क्रियान्वयन में काफी विलंब हुआ। अब विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। लिहाजा विस्थापित गांवों का सर्वे कर विस्थापितों को सरकार से मिलने वाला लाभ दिलाया जाएगा। विस्थापन नीति के तहत शेष विस्थापितों को भी चिन्हि्त कर सरकारी लाभ दिलाया जाएगा। मौके पर विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोहर प्रसाद, एई असीम बिरुवा, जेई विजय सिंह व दारोगा प्रासद मुंडा, विधायक प्रतिनिधि अर्जुन गोप, पूर्व प्रमुख अमर सिंह हांसदा, उप मुखिया सोयना मुंडा, प्रदीप हांसदा, राजेन लोहार, सुदन मुंडा, भवेश मिश्रा, मुकुंद सिंहदेव, अजय सामड, अरुण जामुदा समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे। 2012 की पुर्नवास नीति के तहत विस्थापितों को लाभ देने की मांग : भूमि पूजन के दौरान विस्थापित गांव लखनडीह के ग्रामीणों ने विधायक दशरथ गागराई से पुर्नवास नीति-2012 के तहत विस्थापितों को लाभ देने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि इस योजना के निर्माण कार्य में विलंब होने के कारण विस्थापित परिवारों की संख्या भी बढ़ी है। इसलिए पुन: सर्वे कर पुर्नवास नीति-2012 के तहत विस्थापितों को लाभान्वित किया जाए। सुरू सिंचाई परियोजना पर खर्च होंगे 96 करोड़ : सुरू सिंचाई परियोजना के क्रियान्वयन में लगभग 96 करोड़ की लागत आएगी। इस योजना के तहत दो नहर से खरसावां-कुचाई प्रखंड के 19 गांवों की 3400 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। इस योजना के पूरा होने पर खरसावा प्रखंड के हुडागदा, पतपत, रिडिंगदा, नारायणबेडा, कांटाडीह, टाकोडीह, बरजूडीह, हरिभंजा, रामपुर व कुचाई प्रखंड के पुनीबुडी दामादिरी समेत कई गाव लाभान्वित होंगे। इस किसान लंबे समय से इस योजना का इंतजार कर रहे हैं। इस योजना के पूरा होने पर खेतों में सालों भर हरियाली होगी। सुरू सिंचाई योजना (एक नजर में)

वन विभाग की भूमि का मुआवजा : 9,84,89,000

पेड़-पोधों की क्षतिपूर्ति राशि : 69.93 लाख

जिला भू अर्जन पदाधिकारी को भुगतान (मार्च 2007 तक) : 97.6 लाख

1990 से पूर्व हुई खर्च : 55.14 लाख

नागार्जुन कंस्ट्रक्शन को दी गई राशि : 77.87 लाख

कार्य की प्रगति : मात्र दो प्रतिशत

वर्ष 2009 तक योजना पर खर्च : 13.54 करोड़

सिंचाई योजना की पटवन क्षमता

प्रस्तावित जल ग्रहण क्षेत्र : 63.455 वर्ग किमी.

लंबाई : 165.85 मीटर

ऊंचाई : 35.06 मीटर

जलाशय की क्षमता : 277.98 हे. मीटर

खरीफ फसल की सिंचाई : 293.5 हेक्टेयर

रबी फसल की सिंचाई : 1506 हेक्टेयर

नहर की लंबाई : 11.61 किलोमीटर

अधिकतम स्पाकित जलस्राव : 987 क्यूसेक

मानसून वर्षा : 2382.70 एम एम

डूब क्षेत्र : 296.72 हेक्टेयर

डूब गाव : लखनडीह, चैतन्यपुर, रेयाडढ़ा।