Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Lok Sabha Election 2024: पहली बार 'ताला मरांडी' पर BJP ने जताया भरोसा, राजमहल सीट से लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

    राजमहल लोकसभा सीट से भाजपा ने ताला मरांडी को उम्मीदवार घोषित किया है और वे पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। इससे पूर्व वह बोरियो विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर 2005 और 2014 में चुनाव जीत चुके हैं। 2019 में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था और इसके बाद आजसू के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था। जानें ताला क्यों कांग्रेस से भाजपा में हुए शामिल।

    By Shoyeb AhmedEdited By: Shoyeb AhmedUpdated: Sat, 02 Mar 2024 08:02 PM (IST)
    Hero Image
    राजमहल लोकसभा सीट से ताला मरांडी पहली बार लगेंडे लोकसभा चुनाव

    डॉ. प्रणेश, साहिबगंज। Tala Marandi Will Contest Lok Sabha Elections From Rajmahal Seat:  राजमहल लोकसभा सीट से भाजपा के घोषित उम्मीदवार ताला मरांडी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। इससे पूर्व वह बोरियो विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर 2005 और 2014 में चुनाव जीत चुके हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    2019 में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था जिसके बाद आजसू के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़े और तीसरे स्थान पर रहे। ताला मरांडी 2016 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी बनाए गए थे लेकिन तीन चार माह ही रह पाए थे।

    इस कारण पार्टी ने उन्हें हटा दिया था पद से

    सीएनटी-एसपीटी एक्ट के बारे में पार्टी लाइन के खिलाफ बयान देने और बेटे की शादी 11 साल की नाबालिग लड़की से कराने के बाद उत्पन्न विवाद की वजह से पार्टी ने उन्हें पद से हटा दिया था। ताला छात्र जीवन में ही राजनीति में आ गए थे और तब आजसू के साथ जुड़े हुए थे। बाद में झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ गए।

    रिश्वत कांड के बाद शामिल हुए थे कांग्रेस में  

    तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के कार्यकाल में हुए रिश्वत कांड के बाद पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। दो बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद भाजपा में आ गए। 2003 में बाबूलाल मरांडी के समक्ष वे लिट्टीपाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा में शामिल हुए।

    ये भी पढे़ं- भाजपा ने झारखंड की 11 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, अर्जुन मुंडा समेत इन दिग्गजों को मिला टिकट

    इसके बाद भाजपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़े और विजयी हुए। 2019 में टिकट न मिलने पर आजूस से चुनाव लड़ा। सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुन: बाबूलाल मरांडी की भाजपा में वापसी के बाद ताला मरांडी की घर वापसी हुई।

    रांची में आयोजित कार्यक्रम में वह पार्टी में शामिल हुए। शनिवार को जब टिकट की घोषणा हुई तब वह पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र बरहेट के पतना में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। अब राजमहल लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं क्योंकि बोरियो के झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम भी चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।

    ये भी पढे़ं- PM मोदी वाराणसी से लड़ेंगे चुनाव, भाजपा ने जारी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट