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    Jharkhand News: मिड डे मील में सामने आया लूट का मामला, 3 बड़े अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध; अब बढ़ेगी मुश्किलें!

    Updated: Tue, 17 Jun 2025 02:17 PM (IST)

    साहिबगंज के बरहेट प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय चुटिया में मिड डे मील में लूट का मामला सामने आया है। प्रधानाध्यापक खजीमुद्दीन अंसारी पर हर महीने 50 हजार रुपये का गोलमाल करने का आरोप है। ग्रामीणों ने उन्हें 12 बोरा चावल के साथ पकड़ा था जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। जिला शिक्षा अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

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    बरहेट में योजनाबद्ध तरीके से हुई मिड डे मील में लूट

    डॉ. प्रणेश, साहिबगंज। साहिबगंज के बरहेट प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय चुटिया में योजनाबद्ध तरीके से मिड डे मील में लूट हुई।

    इतनी बड़ी लूट बिना बीईईओ, बीआरपी व सीआरपी की मिलीभगत से संभव नहीं है क्योंकि प्रत्येक माह कम से कम दो बार सीआरपी को स्कूल का निरीक्षण करना है तथा वहां उपस्थित बच्चों की संख्या ई विद्या वाहिनी में अपलोड करना है।

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    ऐसा होता भी है लेकिन सीआरपी वहीं संख्या ई विद्या वाहिनी में अपलोड करते हैं जो प्रधानाध्यापक उन्हें बताते हैं। ऐसा करने के एवज में निर्धारित राशि प्रत्येक माह सीआरपी को मिलती है। कई जगह हिस्सेदारी को लेकर विवाद भी हो चुका है। कई प्रधानाध्यापक इतने पहुंच वाले हैं कि सीआरपी उनकी कृपा पर नौकरी करते हैं।

    नियमित को हटाकर पारा शिक्षक को दिया गया प्रभार

    प्राथमिक विद्यालय चुटिया में मुंशी टुडू व अनिल कुमार तूरी नियमित तथा विजय हांसदा पारा शिक्षक कार्यरत थे। 2019 में मुंशी टुडू रिटायर हो गए।

    इसी बीच पारा शिक्षक खजीमुद्दीन अंसारी की पोस्टिंग स्कूल में कर दी गई। चूंकि मुंशी टुडू के रिटायर होने पर अनिल तूरी को प्रधानाध्यापक का प्रभार देना पड़ता। इसलिए उन्हें प्रतिनियोजन पर प्राथमिक विद्यालय गोराडीह भेज दिया गया।

    इसके बाद खजीमुद्दीन अंसारी को प्रधानाध्यापक का प्रभार दे दिया गया। जून 2019 से वह प्रधानाध्यापक के पद पर वहां कार्यरत थे।

    आंकड़ों के अनुसार प्रतिमाह 50 हजार रुपये का भी गोलमाल किया गया तो साल में यह आंकड़ा छह लाख पर पहुंच जाता है। छह साल में 36 लाख रुपये से अधिक का घोटाला वहां होने की आशंका जताई जा रही है।

    इसके अलावा बच्चों के बीच वितरण के लिए पोशाक, जूता-मोजा, बैग, किताब-कापी आदि भी आता है। कक्षा एक व दो के बच्चों के लिए राशि स्कूल के खाते में आती है जबकि उससे उपर की कक्षा के बच्चों के खाते में सीधे राशि भेजी जाती है।

    क्या है मामला

    बरहेट प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय चुटिया के प्रधान शिक्षक खजीमुद्दीन अंसारी को आटो पर लदे 12 बोरा चावल के साथ 11 जून को ग्रामीणों ने पकड़ा था।

    इसकी जानकारी मिलने के बाद डीएसई ने खजीमुद्दीन अंसारी को उक्त स्कूल से हटा दिया। अनिल तूरी को वहां भेजा। उन्होंने 12 जून को वहां योगदान किया।

    खजीमुद्दीन अंसारी जब तक स्कूल में रहे तब तक 230 से 240 बच्चों के मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट भेजी जाती थी लेकिन वर्तमान में यह आंकड़ा 30 से 40 पर आ गया। सोमवार को स्कूल में मात्र 32 बच्चे मिले।

    12 जून को 25, 13 जून को 51, 14 जून को 42 बच्चे आए। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि खजीमुद्दीन अंसारी के कार्यकाल में बड़ी संख्या में फर्जी हाजिरी बनाकर चावल व कूकिंग कास्ट की राशि का गबन किया जाता था। जिले के अन्य स्कूलों में भी इस प्रकार मिड डे मील में गोलमाल की आशंका है।

    बरहेट प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय चुटिया के सरकारी शिक्षक अनिल तूरी की प्रतिनियुक्ति किन परिस्थितियों में दूसरे स्कूल में की गई तथा खजीमुद्दीन अंसारी को कैसे प्रभार दिया गया इसकी भी जांच होगी। दोषियों पर हर हाल में कार्रवाई होगी। अन्य स्कूलों की भी जांच कराई जाएगी।-कुमार हर्ष, जिला शिक्षा अधीक्षक, साहिबगंज