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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'20 हजार दो तब होगा...', साहिबगंज का ये ऑफिस बना भ्रष्टाचार का अड्डा! बिना रिश्वत नहीं चलती अफसरों की कदम

By Shiv Shankar Kumar Edited By: Shashank Shekhar
Published: Wed, 10 Jan 2024 01:40 PM (IST)

झारखंड के साहिबगंज में जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है ...और पढ़ें

'20 हजार दो तब होगा...', साहिबगंज का ये ऑफिस बना भ्रष्टाचार का अड्डा! बिना रिश्वत नहीं चलती अफसरों की कदम
'20 हजार दो तब होगा...', साहिबगंज का ये ऑफिस बना भ्रष्टाचार का अड्डा! बिना रिश्वत नहीं चलती अफसरों की कदम

HighLights

  1. आज तक प्रखंड से जिला कार्यालय तक कागजात नहीं भेजा गया- शिक्षिका
  2. पेंशन चालू करने के लिए 20 हजार रुपये और मांग रहा- शिक्षिका

जागरण संवाददाता, साहिबगंज। साहिबगंज जिला शिक्षा अधीक्षक का कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। यहां कोई भी काम बिना पैसे के नहीं होता है। अगर यह कहें कि बिना पैसा के यहां पत्ता भी नहीं हिलता है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।

जी हां, मंगलवार को बरहड़वा की सेवानिवृत शिक्षिका रंजना झा ने डीएसई राजेश पासवान से मुलाकात कर कार्यालय के लिपिक अमित कुमार पासवान पर सेवा संपुष्टि के नाम पर 20 हजार रुपये लेने की शिकायत की।

क्या है पूरा मामला  

कहा कि अब पेंशन चालू करने के लिए 20 हजार रुपये और मांग रहा है। कहता है कि 20 हजार रुपये दीजिए तभी पेंशन चालू हो पाएगी। इसमें बरहड़वा बीईईओ की भी संलिप्ता से इनकार नहीं किया। कहा कि आज तक प्रखंड से जिला कार्यालय तक कागजात नहीं भेजा गया है। रंजना मिश्रा संस्कृत की शिक्षिका थीं। बरहड़वा से 30 जून 2023 को रिटायर्ड हुईं।

संयुक्त बिहार में पाकुड जिले के प्राथमिक विद्यालय महेशपुर में एक नवंबर 1983 को पोस्टिंग हुई थी। भोला राम उस समय डीएसई थे। 1986 में आरोप प्रत्यारोप लगने पर नौकरी पर ग्रहण लग गया। मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया। पांच साल बाद कोर्ट से डिग्री मिलने के बाद दोबारा योगदान किया।

अब रिटायर होने के बाद बरहड़वा बीईईओ कार्यालय और जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय का चक्कर लगा रही हैं। बताया जाता है कि रंजना मिश्रा की तरह कई शिक्षक-शिक्षिका कार्यालय के पदाधिकारियों व कर्मियों के दोहन के शिकार हैं।

डीएसई कार्यालय में बिना पैसा के कोई काम नहीं होता है। अपनी समस्या से जिला शिक्षा अधीक्षक को अवगत कराया है। लिपिक अमित पासवान को जो देना था, वह दे चुकी। किसी तरह मेरा काम हो जाए।- रंजना मिश्रा, रिटायर्ड शिक्षिका

सारा आरोप गलत है। मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है। लोग आरोप लगाते रहते हैं। अगर किसी के पास कोई सबूत है तो उसे पेश करे। इसके बाद मैं दंड भुगतने के लिए तैयार हूं।- अमित कुमार पासवान, लिपिक, डीएसई ऑफिस

मामला संज्ञान में आ गया है। शिक्षिका ने रंजना मिश्रा ने अपनी समस्या रखी है। उनको आवेदन देने को कहा है। उनके आरोप की जांच की जाएगी। सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।- राजेश पासवान, डीएसई, साहिबगंज

साहिबगंज एसडीओ भी कर रहे जांच

लिपिक अमित कुमार पासवान पर पहले भी रिश्वतखोरी का आरोप लग चुका है। साहिबगंज एसडीओ रवि जैन मामले की जांच कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने 13 शिक्षकों को अपने कार्यालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा था। कुछ शिक्षकों ने मंगलवार को पहुंचकर उनके समक्ष अपना पक्ष रखा भी।

बताया जाता है कि कांग्रेस नेता नित्यानंद गुप्ता ने डीसी रामनिवास यादव से लिपिक अमित पासवान की शिकायत की थी। नित्यानंद गुप्ता ने शिक्षकों के तबादले के लिए अमित पासवान पर राशि मांगने का आरोप लगाया था। एक वीडियो भी उपायुक्त को उपलब्ध कराया था। इसके बाद डीसी ने एसडीओ रवि जैन को पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया था।

डीएसई राजेश पासवान ने सोमवार को पत्र जारी कर सभी शिक्षकों को एसडीओ आफिस में पेश होने को कहा था। हालांकि डीएसई ने मंगलवार को बताया कि 13 शिक्षकों में किसी ने उनसे मुलाकात नहीं की है। कहा कि शिक्षकों की कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा।

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