किराए के इसी मकान में दिलदार के साथ रुबिका ने गुजारे थे दिन, पहले पति से हुई बेटी भी आई थी मां से मिलने
रुबिका अपने पति दिलदार के साथ किराए के इसी मकान में रह रही थी क्योंकि दिलदार के घरवाले उसे अपने घर में रखने के लिए तैयार नहीं थे। रुबिका के पिता उसकी बहन और बेटी भी यहां उससे मिलने के लिए आए थे।

संवाद सहयोगी, बोरियो (साहिबगंज)। गोडा पहाड़ की पहाड़िया युवती रुबिका पहाड़िया की बीते शुक्रवार को गला दबाकर हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव के 20 से अधिक टुकड़े कर दिए गए थे। इस मामले में 10 आरोपित जेल में हैं। पड़ताल में पता चला कि वह बोरियो संथाली गांव में हेमंती मुर्मू के घर में किराएदार के रूप में चार दिन ही रही थी। वहां उसके साथ दिलदार अंसारी भी रहता था।
दो हजार रुपये में तय हुआ था घर का किराया
मकान मालिक हेमंती मुर्मू ने बताया कि दिलदार गांव के ही एक लड़के के साथ किराए का घर खोजते हुए उसके यहां पहुंचा था। वहां हेमंती मुर्मू से दो हजार रुपये प्रति माह किराए पर कमरा देने की बात हुई थी। हेमंती मुर्मू के घर में दो कमरे हैं। एक में पाइप लाइन में काम करने वाले कुछ मजदूर रहते थे, तो दूसरा खाली था। किराया तय होने के बाद दिलदार व रुबिका गैस चूल्हा व बर्तन को साथ लेकर आ गए।
रुबिका की बेटी व घरवाले यहां आए थे उससे मिलने
चार दिन तक दोनों साथ रहे। रुबिका वहां खाना भी बनाती थी। इस क्रम में रुबिका की छोटी बहन भी वहां दो दिन तक रही। रुबिका की बेटी रिया भी एक दिन थी। रुबिका के पिता सुरजा पहाड़िया भी वहां आए थे। हेमंती मुर्मू ने बताया कि नवंबर का अंतिम सप्ताह रहा होगा। उसकी तबीयत खराब थी। एक दिन देर रात दिलदार के स्वजन आए। स्वजनों ने दिलदार व रुबिका से बातचीत की।
एकाएक घर छोड़कर चले गए दोनों
कुछ देर बाद सारा सामान लेकर चले गए। यह सूचना उसे पड़ोसी ने दी। इसके बाद दोनों नहीं आए। घर की चाभी भी लेकर चले गए। कुछ दिनों बाद उसने कमरे का ताला तोड़कर देखा तो उसमें कुछ भी नहीं था। हेमंती मुर्मू के पति कन्हाई किस्कू की मौत करीब छह साल पूर्व बीमारी से हो गयी थी। उसका 17 साल का बेटा शीतल किस्कू पढ़ता है। गौरतलब हो कि बोरियो के दिलदार अंसारी ने रुबिका से दूसरी शादी की थी। दिलदार के स्वजन रुबिका को घर में रखने को तैयार नहीं थे। इस वजह से दिलदार ने उसे किराए के मकान में रखा था।
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