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दो महीने से दिव्यांग को बना रखा था भिखारी, दिनभर चक्का गाड़ी में घुमाकर मंगवाते थे भीख; साहिबगंज में खुला राज

Published: Mon, 05 Oct 2026 02:34 PM (IST)

Sahibganj News: बोरियो, साहिबगंज में गुलगुलिया समुदाय द्वारा एक दिव्यांग व्यक्ति बाबूलाल सोरेन को जबरन भीख मंगवाने का मामला सामने आया है।

चक्का गाड़ी पर बैठे बरहड़वा के दिव्यांग बाबूलाल सोरेन (फोटो जागरण)

चक्का गाड़ी पर बैठे बरहड़वा के दिव्यांग बाबूलाल सोरेन (फोटो जागरण)

संवाद सहयोगी, बोरियो (साहिबगंज)। झारखंड के साहिबगंज जिले के बोरियो के हाटपाड़ा में पिछले दो दिनों से डेरा जमाए गुलगुलिया समुदाय के कुछ लोगों पर गोड्डा जिले के सिकटिया निवासी दिव्यांग बाबूलाल सोरेन को बरहड़वा से अपने साथ लाकर बंधक बनाकर भीख मंगवाने का आरोप लगा है।

बाबूलाल को दिनभर लकड़ी की चारपहिया गाड़ी में बैठाकर घुमाया जाता था और भिक्षाटन से मिले पैसे खुद रख लिए जाते थे। आरोप है कि उसे रात में केवल एक वक्त खाना दिया जाता था।

बाबूलाल सोरेन केवल संताली भाषा जानते हैं। इस कारण उन्होंने कई लोगों से अपनी आपबीती बताने की कोशिश की, लेकिन भाषा समझ में नहीं आने के कारण उनकी मदद नहीं हो सकी। र

विवार को उन्होंने समाजसेवी फूल कुमारी को अपनी परेशानी बताई। उनकी आपबीती सुनने के बाद फूल कुमारी ने अस्पताल के गार्ड और ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस को सूचना दी।

बोरियो थाना प्रभारी रोहित कुमार की सक्रियता के बाद पुलिस गश्ती दल मौके पर पहुंचा और बाबूलाल से जानकारी ली। पुलिस ने उन्हें कथित तौर पर उन लोगों के चंगुल से मुक्त कराया और रविवार रात अस्पताल परिसर में ठहराया।

सोमवार सुबह समाजसेवियों, अस्पताल के गार्ड और ग्रामीण सोनू की मदद से बाबूलाल को गोड्डा जाने वाली गाड़ी में बैठाकर घर भेजा गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद गुलगुलिया समुदाय के लोगों को फटकार लगाई, जिसके बाद वे वहां से चले गए।

बाबूलाल ने बताया कि ये लोग पूर्णिया के रहने वाले हैं। उनका आरोप है कि उन्हें बरहड़वा से जबरन अपने साथ ले जाया गया था। चक्का लगी गाड़ी में बैठाकर दिनभर भीख मंगवाई जाती थी। इसके बदले न तो पैसे दिए जाते थे और न ही पर्याप्त भोजन दिया जाता था।

बाबूलाल के अनुसार, करीब दो महीने से यह सिलसिला चल रहा था और उन्हें घर भी नहीं जाने दिया जाता था। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में बेटी, दामाद और मां हैं। वह कई महीनों से घर नहीं जा सके थे।

पिछले साल बच्चों के गायब होने का मामला आया था सामने

पिछले साल पलामू में अंश और अंशिका नामक दो भाई-बहनों के गायब होने का मामला सामने आया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों को बरामद किया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, खानाबदोश समूह अक्सर अलग-अलग जगहों पर डेरा डालकर कुछ दिनों तक रहता है।

हालांकि, ऐसे समूहों को लेकर बच्चों की चोरी, मानव तस्करी, चोरी और भीख मंगवाने जैसे आरोपों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित मामलों की जांच के आधार पर ही की जा सकती है।

पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आसपास संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। किसी व्यक्ति या समूह पर केवल समुदाय के आधार पर संदेह न करें, बल्कि संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें।

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