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कोई शादी के लिए भागा, तो किसी ने मां की डांट से छोड़ा घर; साहिबगंज में RPF ने 5 बच्चों का किया रेस्क्यू 

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:31 AM (IST)

Jharkhand News: आरपीएफ बरहड़वा ने तीनपहाड़ और बरहड़वा रेलवे स्टेशनों से कुल पांच नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया।

एआई जनरेटेड फोटो

एआई जनरेटेड फोटो

HighLights

  1. आरपीएफ बरहड़वा ने तीनपहाड़ और बरहड़वा स्टेशनों से नाबालिगों को बचाया।

  2. घर से भागे, शादी व प्रेम संबंध के मामलों में बच्चे मिले।

  3. रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को मंथन संस्था को सौंपा गया।

संवाद सहयोगी, बरहड़वा (साहिबगंज)। आरपीएफ बरहड़वा ने तीनपहाड़ और बरहड़वा रेलवे स्टेशन से नियमित गश्त और सघन चेकिंग के दौरान कुल पांच नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर मंथन संस्था को सौंप दिया।

बरहड़वा आरपीएफ पोस्ट प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम ने पांच अक्टूबर की रात करीब 10:35 बजे तीनपहाड़ स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त के दौरान एक नाबालिग बालिका को अपने दो वर्षीय छोटे भाई को गोद में लेकर अकेले घूमते देखा।

पूछताछ में बालिका ने बताया कि मां के डांटने पर वह भाई को लेकर घर से निकल गई थी और भटकते हुए स्टेशन पहुंच गई। दोनों को तुरंत सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर आरपीएफ पोस्ट लाया गया।

इसी क्रम में पांच अक्टूबर की रात 12:20 बजे बरहड़वा स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक और वेटिंग रूम में चेकिंग के दौरान तीन अन्य नाबालिग संदिग्ध अवस्था में मिले।

शादी के लिए घर से भागे नाबालिग 

पूछताछ में तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले 17 वर्षीय बालक और 16 वर्षीय बालिका ने बताया कि दोनों पिछले दो साल से संपर्क में थे और एक-दूसरे से प्यार करते हैं।

परिवार की सहमति नहीं मिलने से दोनों 4 अक्टूबर को बिना बताए घर से निकलकर बरहड़वा स्टेशन पहुंचे थे और पश्चिम बंगाल जाने की योजना में थे।

फेसबुक से हुआ था प्यार

बरहेट थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय एक अन्य बालिका ने बताया कि फेसबुक के जरिए एक साल पहले पटना निवासी एक युवक से उसकी दोस्ती और प्रेम संबंध बना था, जिसका परिवार विरोध करता था।

रोज-रोज की डांट से तंग आकर वह चार अक्टूबर की रात आठ बजे घर से निकलकर सड़क मार्ग से बरहड़वा स्टेशन पहुंची और पटना जाने की कोशिश में थी।

सभी 5 बच्चों को किया गया सुपुर्द

आरपीएफ ने सभी पांचों बच्चों के स्वजनों से संपर्क कर आवश्यक के बाद सभी को मंथन प्रतिनिधि आराधना मंडल और अंशु मालाकार को सुपुर्द कर दिया।

इधर, आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों से नियमित संवाद रखें, उनकी भावनात्मक समस्याओं को समझें और मोबाइल उपयोग पर नजर रखें ताकि बच्चे इस तरह जोखिम में न पड़ें।

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