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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यशवंत सिन्हा ने क्यों चुना बगावत का रास्ता? खुद बताया सबकुछ, हिमंत बिस्वा सरमा पर भी दिया बवाल मचाने वाला बयान

Published: Mon, 16 Sep 2024 12:46 PM (IST)

भाजपा के कद्दावर नेता कहे जाने वाले यशवंत सिन्हा ने अब बगावत का रास्ता चुन लिया है। उन्होंने ऐसा क्यों ...और पढ़ें

पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा। फाइल फोटो
पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा और असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा। फाइल फोटो

HighLights

  1. अटल विचार मंच नाम से यशवंत सिन्हा ने बनाई पार्टी
  2. माहौल खराब करने के लिए झारखंड में कैंप कर रहे- यशवंत सिन्हा

संवाद सूत्र, हजारीबाग। एक दशक पूर्व तक भाजपा के कद्दावर नेता कहे जाने वाले यशवंत सिन्हा ने अटल विचार मंच नाम से राजनीतिक पार्टी का गठन किया है। उन्होंने पार्टी का फार्म भरकर सबसे पहले खुद इसकी सदस्यता ली।

हजारीबाग के पुराने भाजपा कार्यालय अटल भवन में अटल विचार मंच का दफ्तर खुला है। यशवंत सिन्हा ने प्रेसवार्ता कर पार्टी गठन की घोषणा की और कहा कि अटल विचार मंच राज्य के सभी 81 विधानसभा में चुनाव लड़ेगी।

अटल विचार मंच उसी कार्यालय में संचालित होगा जहां पहले करीब ढाई दशक तक यशवंत सिन्हा और उनके बेटे जयंत सिन्हा के कार्यकाल में भाजपा का कार्यालय संचालित हो रहा था। यशवंत सिन्हा ने कहा कि चुनाव लड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

वैसे दावेदार जो ईमानदार होंगे उन्हें पार्टी पहले प्राथमिकता देगी। यशवंत सिन्हा ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अटल विचार मंच कोई स्वयंसेवी संगठन या चंदा वसूलने की पार्टी नहीं है। यह पूर्ण रूप से राजनीतिक पार्टी रहेगी।

पार्टी के गठन के बाद भाजपा पर बोला हमला

पार्टी के पहले कार्यक्रम में उनकी धर्मपत्नी नीलिमा सिन्हा समेत कई पुराने भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा पर सिन्हा हमलावर रहे और कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांत से भाजपा दूर होती जा रही है।

इसे देखते हुए एक ऐसी पार्टी का गठन किया जा रहा है जो अटल बिहारी वाजपेयी के पद चिन्ह पर आगे बढ़ेगी। बताया कि विपक्ष अगर मजबूत नहीं है तो लोकतंत्र कमजोर हो जाता है। विपक्ष को जितना स्थान सरकार में मिलना चाहिए वह अब नहीं मिल पा रहा है। अब समय आ गया है संकल्प लेने का।

भारत के लोकतंत्र को उसी तरह से चलना होगा जिस तरह से अटल बिहारी वाजपेयी चलाते थे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर उन्होंने हजारीबाग में बड़ी टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि वो माहौल खराब करने के लिए झारखंड में कैंप कर रहे हैं। झारखंड में दंगा होगा और इसका लाभ भारतीय जनता पार्टी उठा लेगी। ऐसे में यहां की सरकार को उनपर केस करना चाहिए।

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