Jharkhand Vidhan Sabha Speaker: झारखंड का अगला विधानसभा अध्यक्ष कौन होगा? इस नाम की चर्चा सबसे अधिक
Jharkhand Assembly Session झारखंड विधानसभा का सत्र 9 दिसंबर को शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के शुरू होने से पहले अब नए विधानसभा स्पीकर की चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक रबीन्द्रनाथ महतो को फिर से मौका दिया जा सकता है। वहीं 11 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्वासमत हासिल करेंगे। बता दें कि हेमंत सोरेन ने 28 दिसंबर को सीएम पद की शपथ ली थी।
जागरण संवाददाता, रांची। Jharkhand News: राज्य सरकार ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महेशपुर से विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी को प्रोटम स्पीकर घोषित किया है। मरांडी राज्य के वरिष्ठतम विधायक हैं। प्रोटेम स्पीकर का पद वरिष्ठतम विधायक को सौंपने की परंपरा है।
रबीन्द्रनाथ महतो फिर बन सकते हैं विधानसभा अध्यक्ष
जानकारी के अनुसार झामुमो के नाला से विधायक रबीन्द्रनाथ महतो को फिर विधानसभा अध्यक्ष की महती जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उन्होंने पांच वर्षों का कार्यकाल कुशलतापूर्वक संपन्न किया है। सत्र के दौरान उन्होंने पूरी जिम्मेदारी के साथ महती भूमिका का निर्वाह किया। संयम के साथ उन्होंने पक्ष-विपक्ष के साथ पूरा तारतम्य बनाए रखा। ऐसे कई मौके आए, जब उन्होंने विचार-विमर्श कर समाधान निकाला और सदन की कार्यवाही को सुचारू बनाए रखा।
कौन हैं रबीन्द्रनाथ महतो (Who is Rabindra Nath Mahato)
- रबीन्द्र नाथ महतो ने नाला विधानसभा से विधायक का चुनाव जीता है
- हाल तक रबीन्द्र नाथ महतो झारखंड विधानसभा के स्पीकर रहे हैं
- उनका जन्म 1960 में उनके पैतृक स्थान पाटनपुर जामताड़ा में हुआ था
- उनके पिता एक सेवानिवृत्त प्राथमिक विद्यालय शिक्षक थे
- रबीन्द्र नाथ महतो एक प्रोफेशनल ग्रेजुएट हैं।
- उन्होंने भागलपुर विश्वविद्यालय से स्नातक किया है।
- उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय ओडिशा से बी.एड भी पूरा किया।
- रबीन्द्र नाथ महतो ने सियासी पारी की शुरुआत निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में की थी
- रबीन्द्र नाथ महतो पहला चुनाव हार गए थे
- बाद में उन्होंने वर्ष 2005 में नाला से झारखंड विधानसभा का अपना पहला चुनाव जीता
- फिर साल 2009 में वह अगला चुनाव हार गए
- 2019 में झारखंड विधानसभा के 7वें अध्यक्ष चुने गए थे
कल्याणकारी योजनाओं के लिए राशि की कमी ना हो, तैयारियों में जुटा वित्त विभाग
जिन वादों के आधार पर हेमंत सोरेन एक बार फिर से सत्ता संभालने में सफल हुए हैं उसके लिए राज्य सरकार को कम से कम 20 हजार करोड़ रुपये अधिक का प्रबंध करना होगा। इस राशि के इंतजाम में वित्त विभाग के माथे पर लकीरें खिंचती दिख रही हैं। मंइयां सम्मान योजना की शुरुआत के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रबंध सरकार ने किया था।
इस योजना में नियमित तौर पर लाभुकों की संख्या बढ़ रही है और महिलाओं को मिलनेवाली सम्मान राशि में बढ़ोतरी भी की गई है। झारखंड में लगभग 50 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ दिए जाने का अनुमान लगाया गया है।
इस आधार पर 10 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। अब इस योजना के तहत राज्य सरकार को राजस्व संग्रह करने का नया तरीका तलाशना है। इसके अलावा राज्य सरकार ने लाभुकों को पहले की तुलना में अधिक राशि देने का निर्णय लिया है। इस प्रकार खर्च का आंकड़ा कई गुना बढ़ने की संभावना जताई गइ है।
यह राशि प्रति लाभुक ढाई हजार रुपये करने के लिए तीन हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इसी प्रकार एक दूसरी योजना है जिसपर सरकार पूरा जोर लगा रही है। प्रट्रोल सब्सिडी योजना के लिए पहले से राशि का प्रबंध नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक इसमें भी पांच हजार करोड़ रुपये का इंतजाम करना होगा।
सरकार द्वारा राजस्व संग्रहण के लिए नए स्त्रोंतों की तलाश का जिम्मा वित्त विभाग को दिया गया है। सरकार पहले ही कई तरह का सरचार्ज वसूल रही है। इसके लिए नए स्त्रोंतो की तलाश का काम कुछ ही दिनों में पूरा कर लेना है। माना जा रहा है कि एक सप्ताह के अंदर सरकार राजस्व के नए मार्ग तलाश लेगी।
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