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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कौन होंगे VHP के नए अध्यक्ष और महामंत्री, यहां तय होंगे नाम; 25 फरवरी से शुरू हो रही है बैठक

By sanjay kumarEdited By: Shashank Shekhar
Published: Sat, 24 Feb 2024 01:10 PM (IST)

विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति व प्रन्यासी मंडल की बैठक 25 फरवरी से अयोध्या में शुरू होगी। विहिप ...और पढ़ें

कौन होंगे VHP के नए अध्यक्ष और महामंत्री, यहां तय होंगे नाम; 25 फरवरी से शुरू होगी बैठक
कौन होंगे VHP के नए अध्यक्ष और महामंत्री, यहां तय होंगे नाम; 25 फरवरी से शुरू होगी बैठक

HighLights

  1. विहिप के इतिहास में एक बार हुआ चुनाव
  2. केंद्रीय टोली की बैठक में बनी रणनीति
  3. तीन साल पर VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष का होता है चुनाव

संजय कुमार, रांची। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति व प्रन्यासी मंडल की बैठक 25 फरवरी से अयोध्या में शुरू होगी। विहिप का यह चुनावी वर्ष है। इस संगठन में प्रत्येक तीन वर्षों पर अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है। फिर वह अपनी टोली की घोषणा करते हैं। कारसेवकपुरम में तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।

संभावना है कि यह बैठक के अंतिम दिन 27 फरवरी को हो। उसके बाद अध्यक्ष अपनी नई टीम की घोषणा करेंगे। विहिप के संविधान के अनुसार अध्यक्ष, कार्याध्यक्ष और महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कोई भी पदाधिकारी लगातार दो कार्यकाल से ज्यादा नहीं रह सकते हैं। अध्यक्ष आरएन सिंह तो इस बार अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बने भी रह सकते हैं, क्योंकि उनका एक ही कार्यकाल पूरा हो रहा है, परंतु कार्याध्यक्ष आलोक कुमार और अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे का दायित्व बदल सकता है।

दोनों दो कार्यकाल से इस दायित्व को निभा रहे हैं। इसके साथ ही कई प्रांतों व क्षेत्रों के मंत्री व अध्यक्ष भी दो कार्यकाल पूरा करने के कारण बदल जाएंगे। इस बैठक में केंद्रीय टोली के साथ-साथ सभी प्रांतों व क्षेत्रों के संगठन मंत्री, प्रांत व क्षेत्र मंत्री एवं उनके सहयोगी, प्रन्यासी मंडल के सदस्य एवं विदेश में काम देख रहे विहिप के कई पदाधिकारी भाग लेंगे। विहिप की केंद्रीय टोली द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार 75 वर्ष से ऊपर की आयु होने पर किसी भी व्यक्ति को प्रमुख दायित्व में नहीं रखा जाएगा। उस आधार पर भी इस बार कई पदाधिकारियों का दायित्व बदल जाएगा।

विहिप के इतिहास में एक बार हुआ चुनाव

आरएसएस एवं उसके सभी समवैचारिक संगठनों में अब तक सर्वसम्मति से ही चुनाव होता आ रहा है। लेकिन, विहिप के इतिहास में एक बार चुनाव कराना पड़ा था। अप्रैल 2018 में हुए चुनाव में विहिप के तत्कालीन अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया राघव रेड़्डी को अध्यक्ष बनाना चाहते थे, परंतु संगठन इसके लिए तैयार नहीं था। उसके बाद प्रत्यक्ष चुनाव कराना पड़ा, जिसमें पूर्व राज्यपाल वीएस कोकजे अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। वहीं आलोक कुमार कार्याध्यक्ष बने थे।

केंद्रीय टोली की बैठक में बनी रणनीति

मुख्य बैठक से पूर्व शुक्रवार को विहिप की केंद्रीय टोली की बैठक हुई। इसमें तीन दिनों तक चलने वाली बैठक की रूपरेखा तय की गई। विहिप के पदाधिकारियों का मानना है कि राम मंदिर निर्माण का काम पूरा होने की ओर है। अब जो काम बचा है, वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को करना है। इसलिए अब विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ता क्या करेंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से उन विषयों पर चर्चा होगी।

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