रांची, जेएनएन। Violence in Lohardaga झारखंड के लोहरदगा में सीएए के समर्थन में निकाली गई जुलूस पर पथराव और भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को बड़ी तादाद में पुलिस बलों को तैनात किया गया है। यहां हर चौक-चौराहे पर सुरक्षा बल के जवान मुस्‍तैद दिख रहे हैं। रैपिड एक्‍शन फोर्स की भी तैनाती की गई है। संगीनों की निगहबानी में लोहरदगा में कर्फ्यू के रास्ते शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश की जा रही है।

दो आईजी, एक डीआईजी, 6 एसपी और 12 डीएसपी के जिम्मे सुरक्षा की कमान

लोहरदगा में तिरंगा यात्रा के दौरान पथराव, आगजनी की घटना के बाद गुरुवार को कर्फ्यू लगा दिया गया, जो शुक्रवार को भी जारी है। संगीनों की निगहबानी में लोहरदगा सुरक्षित व शांतिपूर्ण वातावरण की ओर बढ़ रहा है। कर्फ्यू के कारण सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों को घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। लोहरदगा में हिंसा-बवाल के बाद सुरक्षा कारणों से शुक्रवार को यात्री रेलगाड़ी का परिचालन बंद रहा। वहीं यात्री वाहनों के परिचालन बंद रहने से बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा। जरूरतमंद लोग भी अपने गंतव्य तक नहीं जा सके।

कर्फ्यू के रास्ते शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश की जा रही है। हिंसा-बवाल के बाद लोहरदगा में उत्पन्न स्थिति को सामान्य करने के लिए पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। इसे लेकर दो आईजी, रांची रेंज डीआईजी, 6 एसपी और 12 डीएसपी के साथ प्रमंडलीय आयुक्त एवं लोहरदगा के डीसी-एसपी लगे हुए हैं। इसके अलावा अर्द्धसैनिक बल के 15 कंपनियां जिसमें 2000 से ज्यादा शस्त्र पुलिस बल के जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया है। बावजूद कई स्थानों पर झड़प की सूचना पर पुलिस परेशान रही।

लोहरदगा के पावरगंज में तैनात रैफ के जवान।

अफवाहों का दौर जारी

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अफवाहों का दौर निरंतर जारी है, हालांकि आमलोगों से प्रशासन अफवाह से बचने की अपील करती रही। लोग अपनों की खैरियत जानने के लिए काफी परेशान रहे। लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर शांति और सौहार्द का मिशाल पेश करने वाला लोहरदगा में अचानक से यह सब कैसे हो गया। लोहरदगा में अर्द्धसैनिक बलों ने काफी मजबूती के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। पुलिस के सायरन से पूरा शहर गूंज रहा है। जोनल आईजी सह मानवाधिकार नवीन कुमार सिंह ने कहा है कि इस प्रकार की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। इस मामले में जो भी दोषी है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि निर्दोष को पुलिस की ओर से कोई परेशानी नहीं होगी।

लोहरदगा में हिंसा-बवाल के बाद उपजे स्थिति को सामान्य करने के लिए पुलिस बेहद सतर्कता के साथ काम कर रही है। कंट्रोल रूम को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने एक मोबाइल नंबर जारी कर लोगों से गुरुवार की घटना का फोटो या वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि उपद्रवियों को शिनाख्त कर सजा दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी निर्दोष न फंसे। साथ ही कोई भी दोषी हो तो वह छूटने नहीं पाए। उन्होंने कहा कि उपद्रव फैलाने के संदेह में दर्जन भर लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

लोहरदगा के जामा मस्जिद इलाके में तैनात पुलिस बल।

 2000 से ज्यादा शस्त्र पुलिस बल को सुरक्षा व्यवस्था में किया गया है तैनात

लोहरदगा जिले के शहरी क्षेत्र के अल्पसंख्यक बहुल और आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है। लोहरदगा में कर्फ्यू के बावजूद शहर से सटे निंगनी रोड़ में हिंसक झड़प की सूचना मिलने के बाद वहां जा रही पुलिस को रोकने को उग्र भीड़ द्वारा रोकने का प्रयास किया गया। जिसके बाद पुलिस की ओर से पहले समझाने का प्रयास किया गया, जब लोग नहीं माने तो पुलिस जवानों द्वारा हल्का बल प्रयोग किया गया। कर्फ्यू में कोई भी ढिलाई नहीं बरती गई है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में दंडाधिकारी के साथ सुरक्षा बल तैनात रहकर मजबूती से मोर्चा संभाले हुए हैं।

अपनों की खैरियत जानने के लिए परेशान हैं लोग

लोहरदगा के अलग-अलग हिस्सों में कई लोगों के साथ-साथ महिला एवं बच्चे अब भी फंसे हुए हैं। गुरुवार को पढ़ाई के लिए अलग-अलग स्कूलों में आएं कई बच्चों के भी फंसे होने की सूचनाएं हैं। कई लोग जो अपने रिश्तेदार के यहां किसी काम से आए थे, वे भी अभी तक सुरक्षित रूप से अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से फरियाद का संदेश लगातार प्रसारित हो रहा है। लोहरदगा जिले में सदर अस्पताल को अलर्ट पर रखा गया है। चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों को 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश है। पुलिस के आला अधिकारी खाना-पानी की चिंता के बगैर लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।

बीते दिन की हिंसा के बाद शहर के हालात पर नजर रखते लोहरदगा की डीसी आकांक्षा रंजन और एसपी प्रियदर्शी आलोक।

अर्धसैनिक बलों के हवाले लोहरदगा की सुरक्षा व्यवस्था

लोहरदगा में सीएए के समर्थन में निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान पथराव, आगजनी, तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद तनावपूर्ण स्थिति से निपटने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान अर्धसैनिक बलों के हवाले कर दी गई है। रैपिड एक्शन फोर्स, जैप रांची, रैफ हजारीबाग, जमशेदपुर, एसआईआरबी खूंटी, जिला बल खूंटी, जिला बल गुमला, पीटीसी पदमा हजारीबाग, बोकारो जिला बल और सीआरपीएफ के हवाले सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंप दी गई है।

रैफ और सीआरपीएफ के जवान चप्पे-चप्पे पर मौजूद

चप्पे-चप्पे पर रैफ और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं।कर्फ्यू के दौरान किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। पुलिस के वाहन लगातार शहरी क्षेत्र में घूम-घूम कर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। सभी लोगों को घर में ही रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है। डीआईजी एवी होमकर, डीसी आकांक्षा रंजन और एसपी प्रियदर्शी आलोक शहर के अलग-अलग हिस्सों का भ्रमण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ले रहे हैं। जहां कहीं से भी कोई सूचना प्राप्त हो रही है, वहां पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करते हुए सूचना का सत्यापन कराया जा रहा है।

लोहरदगा के अमला टोली में मुस्‍तैद सुरक्षा बल के जवान।

कर्फ्यू के दौरान किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं

अफवाहों पर लोगों को ध्यान नहीं देने की अपील लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभेद इंतजाम कर दिए गए हैं। विशेषकर अल्पसंख्यक बहुल और संवेदनशील स्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को ज्यादा मजबूत किया गया है। शहर में प्रवेश करने वाले तमाम रास्तों पर निगरानी की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ का क्रम भी लगातार जारी है। हिंसक घटना के जिम्मेदार लोगों को चिन्हित करने को लेकर भी पुलिस प्रशासन की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गई है।

लोहरदगा थाना में आम दिनों के मुकाबले गहमागहमी काफी बढ़ी हुई है। सुरक्षा बल शहर की तमाम गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

शहर में लॉ एंड ऑर्डर की बहाली के लिए अफसरों से जानकारी जुटाती डीसी आकांक्षा रंजन।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस