लोहरदगा, जासं। लोहरदगा जिले में जनजीवन अब सामान्य हो रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा आम लोगों के सहयोग से जनजीवन को पटरी पर लाया जा रहा है।  पुलिस प्रशासन लगातार समीक्षा बैठक के माध्यम से हालात को सामान्य बनाने में लगी हुई है। इसी क्रम में गुरुवार को कुल 6 घंटे की कर्फ्यू में ढील प्रदान की गई है। जिसमें सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है। इस दौरान लोगों को जरूरी सामान खरीदने के लिए घर से बाहर निकलने की इजाजत मिली।

कर्फ्यू में मिली ढील, घर से बाहर निकले लोग

हिंसाग्रस्‍त लोहरदगा जिले में विगत 23 जनवरी को हुई हिंसक घटना के बाद लगाए गए कर्फ्यू में लगातार रियायत प्रदान करते हुए जनजीवन को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। इस क्रम में गुरुवार को जिले में कुल 6 घंटे कर्फ्यू में ढील दी गई। कर्फ्यू में ढील मिलने के साथ ही लोग जरूरी सामानों की खरीद के लिए घर से बाहर निकले। लोगों ने दवा, सब्जी व अन्य जरूरत के सामानों की खरीदारी की।

सुबह 9:00 बजे जैसे ही कर्फ्यू में ढील शुरू हुई, वैसे ही लोग सामानों की खरीद के लिए बाजार पहुंच गए। लोगों की आवश्यकताओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा आम लोगों का सहयोग भी किया गया। कर्फ्यू में ढील के दौरान सुरक्षाबल के जवान चौकस नजर आए। न सिर्फ ड्रोन कैमरे की सहायता से लगातार निगरानी की जा रही है, बल्कि पुलिस के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने और किसी भी अफवाह से बचने को लेकर पुलिस प्रशासन की कोशिशें लगातार काम कर रही हैं। जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाने को लेकर पुलिस प्रशासन आम लोगों के साथ मिलकर काम कर रही है। कर्फ्यू में ढील मिलने के साथ ही बाजार में चहल-पहल बढ़ गई। जनजीवन अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। सरस्वती पूजा को लेकर भी लोगों ने आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी की।

लोहरदगा में जनजीवन हो रहा सामान्य, पुलिस मुस्तैद

कर्फ्यू में ढील के दौरान भी जनजीवन सामान्य रहेगा, इस बात की पुष्टि के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार सक्रिय रहेंगे। कर्फ्यू को लेकर सड़क से लेकर गली-मुहल्ला में पुलिस चौकस रहते हुए गश्त कर रही है। ड्रोन कैमरे से हालात की निगरानी कर सुरक्षित माहौल तैयार किया जा रहा है। साथ ही जिला पुलिस बल और अर्धसैनिक बल के जवान लगातार मार्च पास्ट कर लोगों को सुरक्षा का विश्वास दिला रहे हैं।

पुलिस प्रशासन के वरीय अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा करते हुए सभी समाज के लोगों से शांति व्यवस्था में सहयोग की अपील भी कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि कर्फ्यू में ढील के माध्यम से हालात को परखा जाए। जल्द ही उम्मीद की जा रही है कि पूरी तरह से कर्फ्यू में ढील मिल जाएगी। इधर लोहरदगा में हुए हिंसा और बवाल में अब तक 26 उपद्रवियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।

दूसरी ओर बुधवार की रात झारखंड सरकार के मंत्री रामेश्वर उरांव  लोहरदगा पहुंचकर पुलिस-प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर हालत की समीक्षा कर जल्द से जल्द जनजीवन को सामान्य बनाने का निर्देश दिए हैं। साथ ही सबको साथ लेकर शांति बहाली प्रदान करने की बात कही है। कर्फ्यू के कारण आज भी सभी स्कूल- कालेज बंद कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा लोगों से सरस्वती पूजा सार्वजनिक स्थलों पर नहीं करने का निर्देश जारी किया है।

हिंसा में नुकसान का आकलन करेगी 4 सदस्यीय टीम

लोहरदगा जिले में विगत 23 जनवरी को नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन में निकाले गए जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी की घटनाओं में नागरिकों की संपत्ति की क्षति का आकलन करने को लेकर 4 सदस्य जांच दल का गठन किया गया है। उपायुक्त आकांक्षा रंजन ने डीआरडीए निदेशक अखौरी शशांक कुमार सिन्हा के नेतृत्व में जांच दल का गठन किया है। यह टीम हिंसा की इस घटना में संपत्ति के क्षति का आकलन करते हुए अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपेगी।

टीम के सभी सदस्य 1-1 नुकसान की रिपोर्ट तैयार करते हुए उपायुक्त को जानकारी देंगे। टीम द्वारा आम नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि घटना में हुए नुकसान की यदि कोई जानकारी हो तो उसके लिखित साक्ष्य के साथ जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के कार्यालय में या फिर डीआरडीए लोहरदगा के ई-मेल पते पर 1 फरवरी 2020 तक उपलब्ध करा सकते हैं।

इस जांच दल में डीआरडीए निदेशक के अलावे आरईओ के कार्यपालक अभियंता मनमोहन झा, कार्यपालक दंडाधिकारी देवेंद्र कुमार और भंडरा अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। जांच टीम को यह निर्देश दिया गया है कि आगजनी में हुई से संबंधित सभी बिंदुओं पर जांच कर 1 सप्ताह के अंदर जांच प्रतिवेदन उपाय को समर्पित करेंगे।

बच्चों के पढ़ाई बाधित होने से अभिभावक परेशान

लोहरदगा जिले में कर्फ्यू की वजह से पिछले 1 सप्ताह से सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय बंद है। ऐसे में बच्चों के पढ़ाई भी बाधित हो रही है। इस बात को लेकर अभिभावक काफी परेशान है। अभिभावकों का कहना है कि जितनी जल्दी हो सके, लोहरदगा के हालात सामान्य होने चाहिए। बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। जिला प्रशासन आम लोगों के साथ मिलकर जल्द से जल्द लोहरदगा के हालात को सामान्य बनाए। जिससे स्कूलों के खुलने से उनके बच्चे स्कूल जा सके। बच्चों के पढ़ाई बाधित होने से उनके वार्षिक परीक्षा को लेकर भी असर पड़ सकता है।

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