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    Vidya Bharti: विद्या भारती नई शिक्षा नीति को शत-प्रतिशत लागू कराने के लिए कर रहे ये प्रयास... अवनीश भटनागर बने नए महामंत्री

    By Sanjay KumarEdited By:
    Updated: Mon, 28 Mar 2022 10:21 AM (IST)

    Vidya Bharti News विद्या भारती नई शिक्षा नीति को शत-प्रतिशत जमीन पर उतारने के लिए प्रयास कर रही है। नए महामंत्री अवनीश भटनागर का कहना है इससे पहले 1968 और 1986 में भी नई शिक्षा नीति बनी थी परंतु सरकारी आंकड़ों के अनुसार वह 15 प्रतिशत ही लागू हो पाया।

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    Vidya Bharti News: अवनीश भटनागर बने नए महामंत्री

    रांची, [संजय कुमार]। Vidya Bharti News विद्या भारती की अखिल भारतीय साधारण सभा की रांची में चल रही बैठक समाप्त हो गई। बैठक के अंतिम दिन अखिल भारतीय अध्यक्ष डी रामकृष्ण राव ने अपनी नई टीम की घोषणा की। श्रीराम आरावकर की जगह अवनीश भटनागर को अखिल भारतीय महामंत्री बनाया गया है। भटनागर नौ वर्षों से मंत्री के दायित्व में थे।

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    कौन है अवनीश भटनागर...

    भटनागर मूल रूप से आगरा के रहने वाले हैं और अभी केंद्र सरकार के कर्मचारी प्रशिक्षण संस्थान, नई दिल्ली में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र रहे हैं। विद्या भारती से 1989 से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को शत-प्रतिशत लागू कराने के लिए विद्या भारती प्रयास करेगी। कहा कि इससे पहले 1968 और 1986 में भी नई शिक्षा नीति बनी थी, परंतु सरकारी आंकड़ों के अनुसार वह 15 प्रतिशत ही लागू हो पाया। कोई भी नीति तभी सफल होती है, जब वह शतप्रतिशत लागू हो जाए। इसलिए विद्या भारती नई शिक्षा नीति को जमीन पर उतारने के लिए प्रयास करेगी। पूरी टीम इसमें लगेगी।

    रांची में विद्या भारती की अखिल भारतीय साधारण सभा।

    अच्छे शिक्षक तैयार करने पर रहेगा ध्यान

    अवनीश भटनागर ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती पिछले पांच वर्षों से काम कर रही है। हमलोगों का विशेष ध्यान अच्छे शिक्षक तैयार करने को लेकर है। अच्छे शिक्षक तैयार होंगे तभी अगली पीढ़ी तैयार होगी। इसलिए ज्यादा से ज्यादा बीएड कालेज शुरू करने के लिए विद्या भारती काम करेगी। नई शिक्षा नीति में भी शिक्षण की जो पद्धति बदली है, उसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करना जरूरी है। संस्था ने उस पर काम शुरू कर दिया है।

    अंग्रेजीयत से बच्चों को बचाने की है चुनौती

    उन्होंने कहा कि विद्या भारती के स्कूलों में शिक्षा के साथ साथ संस्कार भी देने का काम होता है। हमलोग व्यवसाय नहीं करते हैं। हमे बच्चों के अंग्रेजीयत से डर लगता है। अधिकतर निजी स्कूलों में पढने वाले बच्चों को लगता है कि अच्छा अंग्रेजी बोलना ही सफलता का मापदंड है। पर ऐसा नहीं है। विद्या भारती अंग्रेजी का विरोध नहीं करती है परंतु सफलता का वहीं आधार है वैसा नहीं है। विद्या भारती के बच्चे भी अच्छी अंग्रेजी बोलते हैं।

    बंद स्कूलों को फिर से प्रारंभ करने के लिए पहल करेंगे

    महामंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण विद्या भारती के लगभग 1000 स्कूल बंद हो गए। अभी 12000 से अधिक स्कूल पूरे देश में चल रहे हैं। बंद स्कूलों को फिर से प्रारंभ करने का प्रयास जारी है। बच्चों की संख्या भी 35 लाख से घटकर 29 लाख हो गई है। वे बच्चे भी स्कूलों में आने लगे इसके लिए भी हमलोग काम कर रहे हैं।

    काम करने का आधार होते हैं कार्यकर्ता

    भटनागर ने बातचीत में कहा कि काम करने का आधार कार्यकर्ता होते हैं। मैं 1989 से ही विद्या भारती में अलग अलग दायित्वों का निर्वाह कर रहा हूं। कार्यकर्ताओं के साथ घनिष्ठता बनी हुई है। इसलिए काम करने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि काम करने का जो समय मिला है उसमें लक्ष्य तय कर काम करेंगे तो कोई परेशानी नहीं होगी।

    व्यवस्था में लगे थे 200 से अधिक कार्यकर्ता

    तीन दिनों तक चली साधारण सभा की बैठक के लिए व्यवस्था में 200 से अधिक कार्यकर्ता लगे थे। बैठक में पूरे देश से 350 प्रतिनिधि शामिल हुए। झारखंड बिहार से झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, सचिव अजय कुमार तिवारी, मंत्री रामअवतार नारसरिया, जनजातीय शिक्षा समिति के मंत्री डा. सुखी उरांव, अखिल भारतीय खेलकूद सचिव कृपा शंकर शर्मा, झारखंड बिहार के क्षेत्र संगठन मंत्री ख्याली राम, क्षेत्र सचिव नकुल कुमार शर्मा, क्षेत्र अध्यक्ष डा. रंजीत कुमार वर्मा, उत्तर बिहार के सचिव मुकेश नंदन व दक्षिण बिहार के राम लाल शामिल थे।