रांची, राज्य ब्यूरो। किसी भी विकसित समाज में बेरोजगारों की संख्या कम करने के लिए युवाओं को रोजगार का साधन उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है। दूसरी तरफ, राज्य सरकार ने बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में पूरा तो किया, लेकिन वह प्रयास या विजन इसमें नहीं दिख रहा जिससे कम से कम युवाओं को ही इसका लाभ लेना पड़े। बजट में कौशल विकास के लिए कोई नई योजना नहीं ली गई है।

राज्य सरकार ने स्नातक पास युवाओं को प्रति वर्ष पांच हजार तथा स्नातकोत्तर को सात हजार रुपये भत्ता देने का प्रस्ताव बजट में किया है। दो वर्षों तक ही इस योजना का लाभ मिलेगा। नन मैट्रिक, मैट्रिक व इंटरमीडिएट उत्तीर्ण बेरोजगारों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। बता दें कि झामुमो ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में इसका वादा किया था। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने अलबत्ता कहा है कि सरकार सभी रिक्त पदों को भरेगी तथा कई अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार सृजित किए जाएंगे ताकि बेरोजगारों की संख्या घटे, लेकिन बजट में इसका कहीं जिक्र नहीं है।

बजट में झारखंड मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसके तहत आदिवासी युवाओं को ग्रामीण बस खरीदने के लिए ब्याज में सब्सिडी दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम परिवहन की व्यवस्था होगी। बजट में कौशल विकास पर कुछ विशेष नहीं है। अपने बजट अभिभाषण में वित्त मंत्री ने इतना ही कहा कि स्किल डेवलपमेंट मिशन के विस्तार एवं अन्वेषण के लिए बड़े संस्थानों को मिशन के साथ जोड़ा जाएगा।

इन बड़े संस्थानों को तकनीकी व वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। तकनीकी शिक्षा प्राप्त छात्रों को रोजगार का बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय प्लेसमेंट सेल का गठन किया जाएगा। इससे झारखंड में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करनेवाले युवाओं को दूसरे राज्यों में भी रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।

तृतीय-चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए निबंधन अनिवार्य

तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए नियोजनालयों में निबंधन अनिवार्य होगा। साथ ही नियोजनालयों में उसके कार्य क्षेत्र के स्थानीय युवाओं का ही निबंधन होगा। जिला नियोजनालयों को मॉडल करियर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्नातक स्तर पर होगी व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई 

कॉलेजों में बैचलर इन वोकेशनल की पढ़ाई होगी। यह सराहनीय कदम कहा जा सकता है, लेकिन इसमें देखना होगा कि इसका वह हश्र न हो जो बारहवीं स्तर पर संचालित व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई का हुआ है।

दो बड़े संस्थानों में इसी साल से प्रशिक्षण

वित्त मंत्री ने अपने बजट अभिभाषण में जमशेदपुर में टाटा मोटर्स के साथ ज्वाइंट वेंचर में खुल रहे इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग टेनिंग एंड रिसर्च तथा दुमका में पीपीपी मॉडल पर स्थापित हो रहे कामर्शियल पायलट लाइसेंस प्रशिक्षण केंद्र में 2020-21 से प्रशिक्षण शुरू करने की बात कही है।

बजट में ये प्रावधान भी

  • 50,000 रोजगार 2020-21 में सृजित किए जाएंगे केवल पर्यटन के क्षेत्र में।
  • इको टूरिज्म के माध्यम से पर्यटन के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति एवं उनकी आजीविका को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • 146 करोड़ रुपये के प्रावधान किए गए हैं श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण के लिए।
  • 06 जिलों (उग्रवाद प्रभावित) में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं। इस साल से इनमें पढ़ाई शुरू की जाएगी।

Edited By: Sujeet Kumar Suman