UDISE Plus Report: झारखंड के सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ा, प्री प्राइमरी व प्राइमरी में दाखिला घटा
Jharkhand Education News केंद्र द्वारा जारी यूडायस प्लस-2021-22 की रिपोर्ट में सामने आई बात। विशेष श्रेणी के बच्चों के नामांकन में भी इस बार भी आई कमी। स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या तो बढ़ी लेकिन उसके अनुपात में शिक्षक नहीं। शिक्षा संबंधित यह रिपोर्ट चिंताजनक है।

रांची, (नीरज अम्बष्ठ)। UDISE Plus 2021-22 Report झारखंड के स्कूलों (सरकारी एवं गैर सरकारी) में इस वर्ष ओवरआल नामांकन में वृद्धि हुई है लेकिन चिंता की बात यह है कि इस बार भी प्री प्राइमरी तथा प्राइमरी कक्षाओं में नामांकन में कमी आई है। प्री प्राइमरी कक्षाओं में जहां लगभग 20 प्रतिशत नामांकन में कमी आई है, वहीं प्राइमरी में भी 1.64 प्रतिशत बच्चों का कम नामांकन हुआ। केंद्र द्वारा जारी यूडायस (Unified District Information System for Education) प्लस 2021-22 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
प्री प्राइमरी व प्राइमरी में कम दाखिला चिंताजनक
राज्य में वर्ष 2020-21 में जहां प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक कुल 79,15,190 बच्चों का नामांकन हुआ था, वहीं इस बार 79,70,750 बच्चों का नामांकन हुआ। यह वृद्धि अपर प्राइमरी, सेकेंड्री तथा हायर सेकेंड्री कक्षाओं में इस बार अधिक नामांकन से हुई। वर्ष 2020-21 में भी इन कक्षाओं में नामांकन में वृद्धि हुई थी, जबकि प्री प्राइमरी कक्षा में नामांकन में 36 प्रतिशत तथा प्राइमरी में 2.12 प्रतिशत बच्चों का कम नामांकन हुआ था।
विशेष श्रेणी के छात्रों के दाखिले में आई कमी
यूडायस प्लस-2021-22 की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार भी विशेष श्रेणी के बच्चों के नामांकन में कमी आई है। इस वर्ष इस श्रेणी के 51,267 बच्चों का ही नामांकन हुआ, जबकि 2020-21 में इस श्रेणी के कुल 52,634 बच्चों का नामांकन विभिन्न कक्षाओं में हुआ था। इससे पहले वर्ष 2019-20 में राज्य में इस श्रेणी के 57,112 बच्चे नामांकित थे। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में जहां बच्चों के नामांकन में वृद्धि हुई वहीं, इस अनुपात में शिक्षकों की संख्या नहीं बढ़ी। इससे प्राइमरी कक्षाओं को छोड़कर सभी कक्षाओं में छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ गया।
सेकेंड्री व हायर सेकेंड्री में सबसे कम शिक्षक
झारखंड के स्कूलों में सेकेंड्री तथा हायर सेकेंड्री कक्षाओं में छात्रों की तुलना में शिक्षकों की उपलब्धता काफी कम है। स्थिति यह है कि इसमें पूरे देश में बिहार के बाद झारखंड की खराब स्थिति है। बिहार के स्कूलों में सेकेंड्री कक्षाओं में छात्र-शिक्षक अनुपात 55 है जबकि झारखंड में यह अनुपात 35 है। बिहार में हायर सेकेंड्री कक्षाओं में 63 बच्चों पर एक शिक्षक उपलब्ध है, वहीं झारखंड में 57 बच्चों पर एक शिक्षक उपलब्ध है। राष्ट्रीय औसत से तुलना करें तो दोनों श्रेणी कक्षाओं में झारखंड का छात्र-शिक्षक अनुपात पूरे देश के अनुपात से लगभग दोगुना है।
किस वर्ष किन कक्षाओं में कितना नामांकन
- कक्षा वर्ष ---- 2020-21 ---- 2021-22
- प्री प्राइमरी --- 3,51,984 ---- 2,82,543
- प्राइमरी ---- 38,03,579 ---- 37,40,909
- अपर प्राइमरी ---- 20,55,203 ---- 21,14,309
- सेकेंड्री ---- 10,01,965 ---- 10,89,069
- हायर सेकेंड्री ---- 7,02,459 ---- 7,43,920
- ओवरआल ---- 79,15,190 ---- 79,70,750
किस वर्ष कितना छात्र-शिक्षक अनुपात
- कक्षा ---- 2020-21 ---- 2021-22
- प्राइमरी ---- 30 ---- 29
- अपर प्राइमरी ---- 23 ---- 26
- सेकेंड्री ---- 33 ---- 35
- हायर सेकेंड्री ---- 55 ---- 57
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