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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan 2023: इस बार चार से 31 अगस्त तक 59 दिनों का होगा सावन, जानें शिवलिंग पर क्‍या चढ़ाने से मिलेगा कौन सा फल

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Thu, 29 Jun 2023 01:23 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 29 Jun 2023 01:59 PM (GMT+05:30)

Sawan 2023 सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। अगर इस महीने में उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की ...और पढ़ें

पुरुषोत्तम मास (मलमास) के कारण इस साल सावन दो महीने का होगा।
पुरुषोत्तम मास (मलमास) के कारण इस साल सावन दो महीने का होगा।

जागरण संवाददाता, रांची। Sawan 2023: पुरुषोत्तम मास (मलमास) के कारण इस साल सावन दो माह का होगा। सावन चार जुलाई से आरंभ हो रहा है और 31 अगस्त को समाप्त होगा। कुल 59 दिनों तक सावन मास रहेगा। अधिकमास 18 जुलाई बुधवार से 16 अगस्त गुरुवार तक रहेगा। इस साल यह पवित्र श्रावण माह बहुत सारे शुभ संयोग और योगों को लेकर आ रहा है। आचार्य प्रणव मिश्रा के अनुसार, बुध व शुक्र के संयोग से लक्ष्मी नारायण योग, सूर्य व बुध की युति से बुधादित्य जैसा राजयोग बन रहा है। साथ ही गजकेसरी योग और शश योग का भी निर्माण हो रहा है।

क्या है सावन के महीने का महत्व

आचार्य प्रणव मिश्रा ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। अगर इस महीने में उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाए, तो शिव जी को बहुत जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है। भगवान शिव के तमाम भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए सावन भर उनकी विशेष पूजा करते हैं।

आठ सोमवारी, नौ मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा

ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शंकर की आराधना और जलाभिषेक करने से मनुष्य की सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस बार सावन के महीने में 8 सोमवार के व्रत और 9 मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा।

क्यों शिव को प्रिय है ये महीना

शिवपुराण में लिखा गया है कि दक्ष पुत्री सती ने जब अपने प्राणों को त्याग दिया था, तो महादेव दुख में इतने डूब गए थे कि घोर तप में लीन हो गए थे। तब माता सती ने पर्वतराज हिमालय पुत्री पार्वती के रूप में जन्म लिया और महादेव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया।

उनकी इस कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने उनकी मनोकामना को पूरा किया और इसके बाद ही महाशिवरात्रि पर उनका माता पार्वती के साथ विवाह हुआ। इस तरह ये महीना शिवजी और माता पार्वती के मिलन का महीना माना जाता है इसलिए ये महीना भगवान शिव और माता गौरी, दोनों को प्रिय है।

इन चीजों के चढ़ावे से मिलेंगे ये लाभ

गंगाजल: शिवलिंग का गंगा जल से अभिषेक करने पर सुख-समृद्धि आती है।

केसर: शिवलिंग पर केसर से अभिषेक करने पर शिवकृपा की प्राप्ति होती है।

गन्ने का रस: आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए गन्ने के रस से करें अभिषेक l

इत्र: मानसिक तनाव दूर करने के लिए इत्र से करें शिवजी का अभिषेक l

दूध: दूध चढ़ाने से संतान की प्राप्ति होती है।

दही: शिवलिंग पर दही से कार्यों में बाधाएं दूर होती हैं।

घी: अच्छी सेहत के लिए सावन के महीने में करें घी से भोलेनाथ का अभिषेक।

चंदन: सुख और शांति के लिए शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं l

शहद: समाज में मान-सम्मान के लिए शहद से करें शिललिंग का अभिषेक।

भांग: कष्टों और बीमारियों से बचने के लिए भांग करें अर्पित।