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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lohardaga Communal Violence: झारखंड सरकार का बड़ा खुलासा... आतंकियों के स्लीपर सेल ने दिया लोहरदगा में सांप्रदायिक हिंसा की घटना को अंजाम

By M EkhlaqueEdited By:
Published: Wed, 13 Apr 2022 05:24 PM (IST)Updated: Wed, 13 Apr 2022 05:38 PM (IST)

Jharkhand News एसडीओ ने कहा कि छह माह से हिरही के आसपास चल रही थी संदिग्ध गतिविधियां। पहले लोहरदगा शहर ...और पढ़ें

Lohardaga Communal Violence: आतंकियों के स्लीपर सेल ने दिया लोहरदगा में सांप्रदायिक हिंसा की घटना को अंजाम
Lohardaga Communal Violence: आतंकियों के स्लीपर सेल ने दिया लोहरदगा में सांप्रदायिक हिंसा की घटना को अंजाम

लोहरदगा, जागरण संवाददाता। Communal Violence on Ram Navami लोहरदगा जिले के सदर थाना क्षेत्र के हिरही गांव में रामनवमी की शोभायात्रा पर विगत 10 अप्रैल 2022 को हुए पथराव की घटना के बाद सांप्रदायिक हिंसा की घटना को लेकर लोहरदगा जिला प्रशासन ने बड़ा खुलासा किया है। लोहरदगा जिला प्रशासन ने जो बातें कही है, वह चौंकाने वाली है।

लोहरदगा अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में बुधवार को एसडीओ अरविंद कुमार लाल ने साफ तौर पर कहा कि सांप्रदायिक हिंसा की यह घटना स्लीपर सेल (आतंक और हिंसा फैलाने वाला एक ऐसा समूह, जो आम लोगों के बीच सामान्य रूप से रहकर घटनाओं को अंजाम देता है) द्वारा अंजाम दी गई है।

उन्होंने कहा कि स्लीपर सेल के सदस्य किसी संगठन विशेष के संपर्क में रहते हैं और संगठaन के निर्देश पर अंजाम देते हैं। लोहरदगा जिले में स्लीपर सेल की गतिविधियां पिछले दो साल से चल रही है। उन्होंने कहा कि हिरही गांव में पिछले छह महीने से संदिग्ध गतिविधि चल रही थी।

फुटबॉल प्रतियोगिता के नाम पर जुटाया गया पैसा

फुटबॉल प्रतियोगिता के आयोजन के नाम पर फंडिंग की जा रही थी। इसकी जानकारी प्रशासन को मिली है। एसडीओ ने कहा कि रामनवमी शोभायात्रा के दिन शहर के दुपट्टा चौक से कुटूम-ढोड्हा टोली पथ में स्लीपर सेल के सदस्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर सांप्रदायिक हिंसा फैलाना चाहते थे। इसकी भनक समय रहते प्रशासन को मिल गई। इसके बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया।

आटो से घूम रहे थे स्लीपर सेल के आतंकी

स्लीपर सेल के सदस्य ऑटो से उस क्षेत्र में घूम रहे थे। इसकी जानकारी प्रशासन को मिली। तत्काल प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसकी भनक लगने पर वे निकल गए, जिस कारण स्लीपर सेल के सदस्यों के बारे में प्रशासन को पूरी जानकारी नहीं मिल पाई।

इसलिए हिरही गांव में दिया घटना को अंजाम

इसी बीच जब स्लीपर सेल के सदस्यों को यहां किसी घटना को अंजाम देने में कामयाबी नहीं मिली तो वे हिरही में इस घटना को अंजाम दे दिया। एसडीओ ने कहा कि पूरे मामले में दो-तीन बातें काफी महत्वपूर्ण है। पहली तो यह कि हिरही गांव में पथराव की घटना के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी, परंतु दोबारा कुछ लोगों द्वारा लोगों को उकसा कर हमला कराया गया।

जब दो समुदाय लड़ रहे थे तभी मेला में लगा दिया आग

दूसरी बात यह है कि जब दो समुदायों के बीच विवाद की घटना हो रही थी, उसी बीच भोक्ता बगीचा मेला में आग लगा दिया गया। मेला में आग लगाने की घटना किसी दूसरे ही गुट ने अंजाम दिया है। यह लग रहा है कि इस घटना को स्लीपर सेल के सदस्यों ने अंजाम दिया है।

वर्ष 2020 की सांप्रदायिक हिंसा के बाद से सक्रिय हुए आतंकी

लोहरदगा में जब 23 जनवरी 2020 को सांप्रदायिक हिंसा की घटना हुई थी, तब उसके बाद यहां की संवेदनशीलता को भांफते हुए राष्ट्र विरोधी ताकतों की ओर से स्लीपर सेल को एक्टिव किया गया था। यहां अब भी स्लीपर सेल के कई सदस्य समाज के बीच में रहते हैं और मौका पाकर घटना को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन इस मामले में बहुत करीब तक पहुंच चुका है। ऐसे जल्द ही मामले में खुलासा होगा।

समाज के सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

उन्होंने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह अपने बीच शांति व्यवस्था को बनाए रखें। किसी के बहकावे में आकर कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएं कि यहां की शांति व्यवस्था खराब हो। मौके पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला परिवहन पदाधिकारी अमित बेसरा, पुलिस निरीक्षक सह सदर थाना प्रभारी मंटु कुमार मौजूद थे।