रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। सुप्रीम कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर सीबीआइ से जवाब मांगा है। करोड़ों रुपये के चारा घोटाला से संबंधित तीन मामलों में राजद सुप्रीमो ने जमानत के लिए शीर्ष कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को दो सप्ताह में यादव की याचिका का जवाब देने को कहा है।

राजद सुप्रीमो ने झारखंड हाई कोर्ट के 10 जनवरी के फैसले को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने मामलों में उन्हें जमानत देने इन्कार किया है। ये मामले 900 करोड़ रुपये से ज्यादा के चारा घोटाला से संबंधित हैं। 1990 के शुरू में कोषागार से जालसाजी कर पैसे की निकासी की गई थी। उस समय बिहार का बंटवारा नहीं हुआ था और राज्य की तत्कालीन राजद सरकार में यादव मुख्यमंत्री थे।

वर्ष 2017 से ही चारा घोटाले के चार मामलों में झारखंड की राजधानी रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद यादव ने अपनी अधिक उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए झारखंड हाई कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई थी। 71 वर्षीय यादव ने कहा है कि वह डायबिटीज, ब्लड प्रेशर एवं अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं। चारा घोटाला के एक मामले में वह जमानत ले चुके हैं।

लालू प्रसाद यादव को देवघर, दुमका और चाइबासा के कोषागार से जालसाजी से पैसे निकाले के मामले में दोषी ठहराया गया है। चाइबासा कोषागार से संबंधित दो में से एक में उन्हें जमानत मिल चुकी है। वर्तमान में डोरंडा कोषागार से निकासी से संबंधित पांचवें मामले का वह सामना कर रहे हैं।

लालू प्रसाद यादव की ओर से अदालत में कांग्रेस नेता और वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल ने जमानत की पैरवी की। बहरहाल रांची के रिम्‍स में अपनी बीमारियों का इलाज करा रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल में रहेंगे या फिर लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी पार्टी राजद का टिकट-सिंबल बांटेंगे इस पर अब दो हफ्ते बाद सीबीआइ की ओर से जवाब आने पर ही फैसला होगा। एक या पांच अप्रैल को अब लालू की जमानत पर सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए दो हफ्ते में जांच एजेंसी से जवाब मांगा है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय में लालू ने अपनी बढ़ती उम्र, गंभीर बीमारी और राजद का अध्‍यक्ष होने के नाते लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट-सिंबल बांटने के लिए एसएलपी दाखिल कर जमानत की गुहार लगाई है। उनके वकीलों के अनुसार लालू के स्‍पेशल लीव पिटिशन पर उनके हक में फैसला आने की उम्‍मीद है। हाला‍ंकि चारा घोटाले के जिन तीन मामलों में लालू ने सुप्रीम कोर्ट से बेल मांगा है, उनमें झारखंड हाई कोर्ट जनवरी 2019 में तमाम दलीलों को खारिज करते हुए गंभीर अपराध का हवाला देकर लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका खारिज कर चुका है।

बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और पूर्व रेलमंत्री ने सर्वोच्‍च न्‍यायालय में एसएलपी दायर कर कहा है कि वे 71 साल के बुजुर्ग हैं, साथ ही एक राजनीतिक पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भी हैं। ऐसे में लोकतंत्र के महापर्व लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी महती भूमिका का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने एपेक्‍स कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई है।

मालूम हो कि भ्रष्‍टाचार और गंभीर अपराधों की बिना पर सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले के तहत ही दागी नेताओं को चुनाव लड़ने से रोक दिया अब लालू प्रसाद उच्‍चतम न्‍यायालय से चुनाव में टिकट बांटने की आजादी मांग रहे हैं। अभी तक के कानून के मुताबिक आपराधिक मामलों में दो साल से ज्यादा की सजा होने पर छह साल की अयोग्यता का प्रावधान किया गया है। जबकि करप्शन, एनडीपीएस में सिर्फ दोषी करार होना काफी है।

विपक्षी महागठबंधन की सीटों का बंटवारा भी लालू करेंगे
रांची के रिम्‍स में गंभीर बीमारियों का इलाज करा रहे लालू प्रसाद यादव लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी की ओर से टिकट और सिंबल बांटने के लिहाज से जमानत चाहते हैं। अब 15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट उनकी लोकसभा चुनाव 2019 में भागीदारी को लेकर फैसला करेगा।

इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट से बिहार के पूर्व सीएम व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को तब बड़ा झटका लगा। जब जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। सीबीआइ कोर्ट ने लालू प्रसाद को देवघर, दुमका और चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सजा सुनाई है। उनकी ओर से हाई कोर्ट से उक्त तीनों मामलों में सजा को निलंबित करते हुए जमानत प्रदान करने का आग्रह किया गया था। लालू ने इन्‍हीं तीन मामलों में सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत मांगी है।

बीमारी का दिया हवाला
कोर्ट बताया गया था कि लालू प्रसाद की उम्र 71 हो गई है। उन्हें डायबटीज, बीपी, हृदय रोग सहित कई अन्य बीमारियां हैं। फिलहाल, उनका रिम्स में इलाज चल रहा है। लालू प्रसाद प्रतिदिन करीब 13 प्रकार की दवाओं का सेवन कर रहे हैं।

लालू को करनी है चुनाव की तैयारी
लालू प्रसाद राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी है। जिसको लेकर पार्टी नेताओं के साथ उन्हें कई बैठक करनी होगी और रणनीति तय करनी होगी। उम्मीदवार भी तय करने होंगे। उम्मीदवारों को सिंबल देने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष का हस्ताक्षर होना जरूरी है, इसलिए उन्हें जमानत प्रदान की जाए।

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Posted By: Alok Shahi

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