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    Jharkhand News: कुआं में सांप और नीलगाय एक साथ, दोनों की जिंदगी खतरे में, जानिए- कैसे चला रेस्क्यू आपरेशन

    By M EkhlaqueEdited By:
    Updated: Wed, 27 Jul 2022 05:48 PM (IST)

    Jharkhand Unique Story झारखंड के एक गांव में कुआं में नीलगाय गिर गई। जब उसे निकालने की कवायद शुरू हुई तो कुआं में एक बड़ा सांप फन काढ़े बैठा था। अब वन विभाग के समक्ष चुनौती यह थी कि नीलगाय को कैसे निकाला जाए। पढ़िए रेस्क्यू आपरेशन की कहानी।

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    Jharkhand News: कुआं से पहले सांप निकाला गया, फिर नीलगाय।

    पलामू, जागरण संवाददाता। कहानी झारखंड के पलामू जिले की है। यहां एक जगह है चैनपुर। इसी थाना क्षेत्र के रामपुर गांव की यह रोचक कहानी है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। हुआ यह कि 40 फुट गहरे कुएं में एक नीलगाय गिरी गई। जब लोगों ने कुआं में उतरकर देखा तो एक बड़ा सांप भी डेरा डाले हुए था। सांप कुआं के मध्य भाग में था। वह पानी में नहीं था। नीलगाय और सांप एक साथ कुआं में देखकर लोगों के होश उड़ गए। नीलगाय अपनी जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही थी। सांप था कि फन काढ़े डंसने के लिए तैयार था। यह मंजर देखकर कोई कुआं में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। जो कुआं के मध्य भाग तक पहुंचा था, वह भी डरकर ऊपर आ गया।

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    सांप देखकर कुआं से भाग आए वन कर्मचारी

    समय बीतता जा रहा था और नीलगाय की जिंदगी की घड़ियां कम होती जा रही थीं, लेकिन ऊपरवाले को कुछ और ही मंजूर था। वन विभाग के कर्मचारियों को कुछ नहीं सूझ रहा था कि किस तरह से दोनों को बाहर निकाला जाए। अगर वे कुआं में उतरते हैं तो सांप डंस लेगा। अगर नीलगाय को बाहर लेकर आते हैं तो सांप उस पर हमला कर सकता है। उसकी जान जा सकती है। शर्त यह भी कि सांप को किसी तरह की हानि नहीं पहुंचनी चाहिए। सांप को मारने का कानूनी प्रविधान नहीं है। दोनों को कुआं से निकालना कम जोखिम भरा काम नहीं था।

    पहले वन विभाग ने सांप को पकड़कर निकाला

    काफी विमर्श के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने दोबारा रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। पहले सांप को पकड़कर निकालने की कोशिश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद कुआं से सांप बाहर निकला गया। भीड़ ने उसे मारने के बजाय रास्ता दिया और सांप आराम से जंगल झाड़ियों में चला गया। सांप के जाने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद वन विभाग के कर्मचारी कुआं में उतरे। उन्होंने एक रस्सी में नीलगाय को पहले फंसाया। जब वह रस्सी में ठीक तरह से फंस गयी तो लोगों ने उसे ऊपर खींचना शुरू किया। इसमें ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। नीलगाय काफी वजनी होने के कारण लोगों को उसे टांग कर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यह प्रयास सफल रहा। अंतत: नीलगाय कुआं से बाहर निकाल ली गई।

    ढाई साल की नीलगाय को जंगल में छोड़ा गया

    चैनपुर के प्रभारी फारेस्टर आशुतोष तिवारी ने बताया कि रामपुर गांव में कुएं में नीलगाय गिरे होने की सूचना डीएफओ को मिली थी। उनके निर्देशानुसार वन विभाग के कर्मचारी रामपुर गांव पहुंचे। पाया गया कि करीब 40 फुट गहरे कुआं में गिरी नीलगाय पानी में तैर रही है। वह बाहर निकलने के लिए बेचैन है। सुबह से दोपहर करीब एक बजे तक रेस्क्यू आपरेशन चला। अंतत: वन विभाग के कर्मचारियों को सफलता मिल गई। सांप कहीं किसी को डंस न ले, इस डर से रेस्क्यू आपरेशन में समय लगा। नीलगाय की उम्र करीब ढाई साल की थी। बाहर निकालने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू टीम में वनरक्षी संदीप डोडराय, विवेकानंद और आदित्य सागर आदि शामिल थे।