रांची, जासं। धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सशर्त जमानत पर जेल से बाहर निकली रांची के पिठोरिया की ऋचा भारती कुरान नहीं बांटेगी। वह अदालत के कुरान बांटने के आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देगी। मंगलवार को ऋचा के घर पर उससे मिलने वालों का तांता लगा रहा। भाजपा नेता और हिंदू संगठनों के नेता उससे मिलने पहुंचे। पत्रकारों का भी हुजूम उमड़ा। सबने उससे दनादन सवाल दागे।

इधर ऋचा पटेल के फेसबुक टिप्पणी मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह के 5 कुरान की प्रति बांटने के अजीबोगरीब आदेश के बाद रांची जिले के वकील आंदोलित हो गए हैं। मनीष कुमार सिंह की अदालत का  बुधवार को बहिष्कार किया गया। वकीलों ने जज की ओर से दिए गए इस तरह के आदेश की जमकर मुखालफत की।

इस बीच रांची वीमेंस कॉलेज के बीकॉम थर्ड ईयर में पढऩे वाले ऋचा सवालों से जरा भी घबराई नहीं। बेबाकी सी अपनी बात रखी। कहा, प्रशासन की कार्रवाई एकतरफा है। हमने तो पोस्ट को शेयर किया। पोस्ट करने वाले अभी भी बाहर हैं। दूसरी बात प्रकरण के बाद सोशल साइट पर मुझे काफी गाली दी गई। गाली देना भी गुनाह है तो प्रशासन ने उन पर क्यों नहीं कार्रवाई की।

ऋचा ने कहा कि अदालत के आदेश के खिलाफ वह ऊपरी अदालत में अपील करेंगी। हमने किसी धर्म का अपमान नहीं किया है। सोशल साइट पर इस तरह के हजारों पोस्ट भरे पड़े हैं। हमने इसे नहीं लिखा, एक ग्रुप से पोस्ट आया तो शेयर कर दिया। हमारी बस इतनी ही गलती है। मुझे कुरान बांटने को कहा गया है लेकिन यह मेरे मौलिक अधिकारों का हनन है। मुझे अपना धर्म मानने का अधिकार है।

  • प्रशासन पर भड़ास निकालते हुए कहा, मैंने क्या गलत किया कि मुझे जेल भेजा गया
  • कहा, यह मेरे मौलिक अधिकारों का हनन, मैंने सिर्फ एक पोस्ट शेयर किया
  • सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ टिप्पणी के बाद जेल भेजी गई थी छात्रा

ऋचा ने कहा कि मुझे जैसी सजा दी गई है क्या ऐसी ही सजा उन्हें दी जाती है जो हिंदू धर्म के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हैं या तस्वीरें पोस्ट करते हैं। बड़ा सवाल है कि क्या उन्हें हनुमान चालीसा पढऩे या दुर्गा जी की पूजा करने को कहा जाएगा तो वे इसे मानेंगे। कहा, पिछले तीन साल से सोशल साइट पर एक्टिव हूं। फेसबुक, वाट्सएप आदि सोशल मीडिया से जुड़ी हूं। देश के जिम्मेवार नागरिक होने के कारण तमाम ज्वलंत मुद्दों पर सोशल मीडिया पर अपनी राय रखती हूं। बेवजह मुद्दे को तूल दिया गया है।

देश के समक्ष समस्याएं क्या हैं। इस सवाल पर कहा कि बांग्लादेशी और रोंहिंग्या मुसलमानों से देश की सुरक्षा खतरे में है। यह सच है। अगर उन पर सवाल किया जाए तो भारतीय मुसलमानों को बुरा नहीं लगना चाहिए। देश की जनसंख्या बेतहाशा बढ़ रही है। क्या देश का युवा इसपर अपनी राय न रखे। क्या ये गुनाह है? अपने जेल जाने पर ऋचा ने कहा कि हमने तो सोचा भी नहीं था कि इतनी सी बात के लिए कोर्ट कचहरी का चक्कर लग जाएगा। पुलिस ने जैसी तेजी इस प्रकरण में दिखायी वैसी ही संजीदगी अन्य मामलों में क्यों नहीं दिखाती है?

ऋचा ने कहा कि हिंदू धर्म के खिलाफ जब अनाप-शनाप लिखा जाता है तो उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। एकतरफा कार्रवाई क्या संदेश देगा। आज जितने लोगों का प्यार मुझे मिल रहा है उससे मुझे ताकत मिली है। मन में कोई डर नहीं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी ऋचा के पिता संवेदक हैं। राजनीति से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। यह पूछने पर कि क्या राजनीति में आना चाहती हैं। इस सवाल पर ऋचा ने जवाब दिया क्यों नहीं, पिता की अनुमति मिली तो जरूर राजनीति में आऊंगी। हालांकि अभी तक इसका कोई इरादा नहीं है। अभी तो करियर पर फोकस है। 

शुभचिंतकों से घिरी रही ऋचा : सोमवार की शाम जेल से निकलने के बाद से ही ऋचा के पिठोरिया स्थित घर पर शुभचिंतकों की भीड़ जुट गई। मंगलवार को सुबह से ही गांव वालों के साथ सगे-संबंधी पहुंचने लगे। दिनभर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े नेताओं का आना-जाना लगा रहा। संगठन से जुड़े वकील मामले की तफ्तीश में जुटे रहे। शाम में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल नाथ शाहदेव भी ऋचा एवं उसके माता-पिता से मिले। उन्होंने हरसंभव कानूनी सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

विवादित पोस्ट पर भेजा गया था जेल : 12 जुलाई को सोशल साइट पर विवादित पोस्ट शेयर करने के आरोप में ऋचा को जेल भेज दिया गया था। सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत ने सशर्त जमानत दी थी। जमानत पर सुनवाई के दौरान न्यायिक दंडाधिकारी ने आरोपित को 15 दिनों के अंदर पांच कुरान बांटने का आदेश दिया था। ऋचा भारती के खिलाफ सदर अंजुमन कमेटी, पिठोरिया द्वारा 12 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अंजुमन कमेटी ने पोस्ट के कारण सांप्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका जताई थी।

Posted By: Sujeet Kumar Suman