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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ranchi Vidhan Sabha Result 2024: सीपी सिंह ने महुआ माजी को कितने वोटों से हराया? पढ़ें रांची सीट का हाल

Published: Thu, 21 Nov 2024 10:31 PM (IST)Updated: Sun, 24 Nov 2024 10:22 AM (IST)

Ranchi Election Result 2024 झारखंड की रांची विधानसभा सीट पर एक बार फिर से सीपी सिंह ने बाजी मार ली ...और पढ़ें

रांची विधानसभा चुनाव परिणाम 2024 (जागरण फोटो)
रांची विधानसभा चुनाव परिणाम 2024 (जागरण फोटो)

HighLights

  1. रांची विधानसभा सीट पर एक बार फिर से सीपी सिंह ने बाजी मार ली
  2. रांची विधानसभा सीट पर महुआ माजी और सीपी सिंह के बीच टक्कर थी

डिजिटल डेस्क, रांची। Ranchi Vidhan Sabha Chunav Result 2024: झारखंड की रांची विधानसभा सीट पर एक बार फिर से चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह (सीपी सिंह) ने बाजी मार ली। उन्होंने जेएमएम की महुआ माजी को करारी शिकस्त दे दी। सीपी सिंह ने महुआ माजी को 21949 वोटों से हरा दिया।

 झारखंड के गठन के बाद 2005 में हुए पहले चुनाव से लेकर अब तक इस सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता चंद्रेश्‍वर प्रसाद सिंह ही जीतते आ रहे हैं।

इससे पहले 2000 में हुए चुनाव में भी वह इस क्षेत्र से चुनाव जीत चुके हैं। हाईप्रोफाइल इस विधानसभा सीट पर भाजपा के दिग्‍गज नेताओं में शुमार रहे यशवंत सिन्‍हा भी चुनाव जीत चुके हैं। नागवंशी शासनकाल के दौरान भी यह क्षेत्र राजशाही के लिए बेहद अहम था। यहां के अंतिम नागवंशी राजा लाल चिंतामणि ने 1957 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर यहां के पहले विधायक चुने गए।

रांची विधानसभा सीट का इतिहास

राजधानी रांची झारखंड का तीसरा सबसे बड़ा शहर होने के साथ ही लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र भी है। प्रदेश की राजनीति का यह क्षेत्र केंद्र बिंदु है। प्रकृति के सौंदर्य में डूबा यह शहर बड़े औद्योगिक नगरों में भी शुमार है। इस विधानसभा क्षेत्र का गठन 1957 में किया गया था। तब यह सीट बिहार राज्‍य का हिस्‍सा हुआ करती थी।

2000 में बंटवारे के बाद बिहार से अलग होकर बने झारखंड राज्‍य में रांची विधानसभा क्षेत्र को शामिल कर दिया गया। इसके अलावा इसे झारखंड राज्‍य की राजधानी भी बनाया गया। शुरुआत के विधानसभा चुनावों में यहां पर कांग्रेस और जनता पार्टी के उम्‍मीदवारों को जीत हासिल होती रही। बाद में यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ बन गया।