रांची विश्वविद्यालय में रिसर्च स्कॉलर्स के लिए बदले फेलोशिप के नियम, अब सीधे आवेदन करने पर नहीं मिलेगी राशि
रांची विश्वविद्यालय ने शोधार्थियों के लिए फेलोशिप आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब शोधार्थी सीधे आवेदन नहीं कर सकेंगे, ...और पढ़ें

रांची विश्वविद्यालय की फाइल फोटो।
HighLights
शोधार्थी अब सीधे फेलोशिप आवेदन जमा नहीं कर पाएंगे।
हर महीने की 3 तारीख तक जमा करने की अंतिम तिथि।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची विश्वविद्यालय ने शोध छात्रों के फेलोशिप को लेकर नया शेड्यूल जारी कर दिया है। अब रिसर्च स्कालरों को फेलोशिप के लिए विभागाध्यक्ष के माध्यम से ही आवेदन करना होगा। सीधे शोधार्थी द्वारा लाया गया आवेदन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के रिसर्च निदेशालय की ओर से सभी विभागाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है। प्रत्येक महीने के एक से आठ तारीख तक फेलोशिप का पोर्टल खुला रहेगा। इस दौरान स्कालरों का दस्तावेज अपलोड किया जाएगा।
प्रत्येक महीने के तीन तारीख तक निदेशालय में जमा करना होगा फॉर्म
सभी विभागाध्यक्षों को सत्यापित आवेदन पत्र, अटेंडेंस और सभी जरूरी पेपर के साथ हर महीने की 3 तारीख तक मोरहाबादी स्थित शोध निदेशालय करना होगा। वहीं इसके लिए नए नियम भी जारी किए गए हैं। जिसमें है कि केवल विभागाध्यक्ष के माध्यम से भेजे गए आवेदन ही शोध निदेशालय में स्वीकार किए जायेंगे। अधूरा आवेदन नहीं चलेगा।
अगर ऐसा होता है तो फेलोशिप के भुगतान में देरी होगी। वहीं फेलोशिप के लिए निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर ही जमा करना होगा। वहीं विवि प्रशासन ने ये स्पष्ट किया है कि अगर कोई गलत या फर्जी जानकारी दी जाती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित शोधार्थी और उनके सुपरवाइजर की होगी। कुलपति डॉ. सरोज शर्मा की ओर से सभी विभागाध्यक्षों को इसको सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।