रांची विश्वविद्यालय में यूजी के सेमेस्टर चार महीने में, पीजी के तीन माह में हो रहे पूरे; ऐसे में छात्रों की कैसी पढ़ाई?
यूजीसी के छह महीने के मानक के विपरीत रांची विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के सेमेस्टर की अवधि में ...और पढ़ें

यूजी और पीजी में घट गए हैं सेमेस्टर, यूजी में चार महीने के बाद ही हो जाती है परीक्षा।
HighLights
रांची विश्वविद्यालय में यूजी-पीजी सेमेस्टर अवधि में कटौती।
यूजी सेमेस्टर चार महीने, पीजी सेमेस्टर तीन महीने में पूरा।
यूजीसी के छह महीने के मानक का उल्लंघन हो रहा।
दिवाकर सिंह, रांची। रांची विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के सेमेस्टर में कटौती हो जा रही है। छह महीने के सेमेस्टर में स्नातक के विद्यार्थियों को केवल चार महीने ही पढ़ने का मौका मिल रहा है। यही नहीं पीजी के विद्यार्थी तो केवल तीन महीने की पढ़ाई के बाद परीक्षा देने के लिए तैयार कर दिए जाते हैं।
यूजी में दो महीने की कटौती तो पीजी में एक सेमेस्टर से पूरे तीन महीने गायब हो जाते हैं। ये हम नहीं कहते हैं बल्कि रांची विश्वविद्यालय के वेबसाइट में दिए गए परीक्षा के आयोजन की सूची ये फसाना बयां कर रही है।
स्नातक में चार महीने में पूरा हो रहा है एक सेमेस्टर
रांची विश्वविद्यालय में छह महीने का सेमेस्टर चार महीने में ही पूरा करवाया जा रहा है। कहा जाता है कि इसके पीछे सत्र को समय पर पूरा करने की वजह है। स्नातक के सत्र 2023-27 के सेमेस्टर थ्री की परीक्षा 23 जून 2026 को आयोजित की गयी थी। इसके बाद विद्यार्थियों ने सेमेस्टर फोर की पढ़ाई शुरू कर दी।
इसके लगभग चार महीने बाद ही पांच अक्टूबर से इसी सत्र के परीक्षा फार्म भरने से संबंधित नोटिस विद्यार्थियों के समक्ष आ गया। वहीं इसके कुछ ही दिन बाद सेमेस्टर फोर की परीक्षा 26 अक्टूबर से शुरू हो गयी। विद्यार्थी चार महीने में ही एक सेमेस्टर पूरा करके परीक्षा में शामिल हो गए।
विवि के एक शिक्षक के अनुसार छह महीने कभी भी पढ़ाने का मौका नहीं मिलता है। रिजल्ट जारी होने के पहले ही क्लास शुरू हो जाता है। हमें पढ़ाने का समय भी कम मिलता है।
पीजी का सेमेस्टर तीन महीने में हो जाता है पूरा
उच्च शिक्षा की स्थिति इससे भी खराब है। पीजी के एक सत्र 2024-26 के विद्यार्थियों को तो तीन महीने ही एक सेमेस्टर में पढ़ने का मौका मिल पा रहा है। इसके विद्यार्थियों ने सेमेस्टर थ्री की परीक्षा 24 जुलाई 2026 को दी थी, परीक्षा एक अगस्त तक आयोजित की थी। इसके बाद सेमेस्टर फोर की क्लास शुरू हो गयी।
इसके तीन महीने बाद ही 26 अक्टूबर को सेमेस्टर फोर की परीक्षा के लिए विद्यार्थियों से परीक्षा फार्म भरवाया जाने लगा। कुछ दिन बाद इनकी भी परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। इस तरह पीजी के विद्यार्थियों ने छह महीने की पढ़ाई तीन महीने में ही पूरी कर ली।
यूजी के अनुसार कितने महीने का होता है सेमेस्टर
यूजीसी के लिए सेमेस्टर का मतलब 6 महीने का एक शैक्षणिक ब्लाक है, जिसमें 90 दिन की पढ़ाई अनिवार्य है। मतलब कि अगर जुलाई में किसी सेमेस्टर की शुरुआत होती है तो वो दिसंबर में समाप्त होता है।
क्या कहता है विवि
रांची विश्वविद्यालय में सत्र देरी से चल रहा है। इसको पूरा करने के लिए ही सेमेस्टर के महीने में कटौती की जा रही है। सत्र समय पर होने के बाद ही ये समय मिल सकता है।
-डाॅ. सुदेश कुमार साहू, डीएसडब्ल्यू, रांची विवि
यह भी पढ़ें- 60 की उम्र में कोल इंडिया जीएम पद से रिटायर, 68 में फिर से बने रांची यूनिवर्सिटी में पीजी के छात्र
यह भी पढ़ें- रांची यूनिवर्सिटी के 63 साल में पहली बार PhD नामांकन में मिलेगा आरक्षण का लाभ
