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रांची विश्वविद्यालय में IKS और EVS की पढ़ाई अधर में, NEP के तहत 60 हजार छात्रों का भविष्य दांव पर

Published: Fri, 30 Oct 2026 12:38 PM (IST)

रांची विश्वविद्यालय के स्नातक सेमेस्टर टू के 60 हजार से अधिक विद्यार्थियों को इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) और एनवायर्नमेंटल साइंस ...और पढ़ें

स्नातक सेमेस्टर टू में पढ़ाए जाते हैं दोनों विषय आइकेएस मतलब इंडियन नालेज सिस्टम, इवीएस मतलब इनवायरमेंटल साइंस।

स्नातक सेमेस्टर टू में पढ़ाए जाते हैं दोनों विषय आइकेएस मतलब इंडियन नालेज सिस्टम, इवीएस मतलब इनवायरमेंटल साइंस।

HighLights

  1. रांची विवि के 60 हजार छात्रों को IKS, EVS में समस्या।

  2. इन विषयों के लिए न शिक्षक उपलब्ध, न ही किताबें।

  3. छात्र नोट्स, गाइड के भरोसे, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक परेशानी।

जागरण संवाददाता, रांची। रांची विश्वविद्यालय के स्नातक में 60 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं, इनको सेमेस्टर टू में इंडियन नालेज सिस्टम और इनवायरमेंटल साइंस की पढ़ाई होती है। लेकिन इन दोनों विषयों की स्थिति ऐसी है कि न इनकी कोई किताब है और न ही इसके लिए विवि में शिक्षक हैं। इसकी पढ़ाई कालेज में सभी विषयों के शिक्षक कराते हैं इसके लिए अलग से कोई शिक्षक नहीं है।

लेकिन समय पर इन विषयों की क्लास कालेजों में नहीं संचालित होती है।इसकी वजह से इन विषयों की पढ़ाई भगवान भरोसे हैं। रांची विश्वविद्यालय के स्नातक सेमेस्टर टू में आइकेएस और इवीएस दोनों विषय आवश्यक हैं। सभी विद्यार्थियों को इसकी पढ़ाई जरूरी है।

विद्यार्थी कालेज आते हैं अपने मेजर विषय पढ़ते हैं लेकिन इवीएस और आइकेएस की पढ़ाई नहीं होती है। परीक्षा के समय विद्यार्थियों को नोट्स मुहैया करा दिया जाता है और वो पास हो जाते हैं। इसके लिए अलग से विवि की ओर से कोई किताब तैयार नहीं किया गया है। जिसको पढ़कर विद्यार्थी अपना सिलेबस पूरा कर सकें।

इवीएस की नहीं होती है क्लास, नोट्स के भरोसे छात्र

रांची विश्वविद्यालय में इनवायरमेंट साइंस की क्लास नहीं होने से छात्र पूरी तरह नोट्स के भरोसे हैं।क्लास रूम में शिक्षक नहीं आते, तो छात्र बाजार से खरीदी गई गाइड, पुराने नोट्स और सीनियर्स के फोटोकापी वाले नोट्स से ही परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

इससे परेशानी ये होती है कि विद्यार्थियों के सामने जब कठिन सवाल आ जाते हैं तो उनकी परेशानी बढ़ जाती है। शहरी क्षेत्र के कालेजों में में फिर भी ये परेशानी कम होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के कालेजों में इन विषयों को लेकर विद्यार्थियों को न तो नोट्स मिलता है और न ही कोर्स की जानकारी।

आइकेएस में हिस्ट्री से लेकर केमेस्ट्री तक की पढ़ाई

इंडियन नालेज सिस्टम में स्नातक के विद्यार्थियों को हिस्ट्री और पोलिटिकल साइंस के अलावा साइंस के केमेस्ट्री और फिजिक्स तक की पढ़ाई होती है। आइकेएस और इवीएस दोनों 50 नंबर के होते हैं और दोनों में पास होना अनिवार्य है।

दोनों पेपर दो क्रेडिट के होते हैं। वहीं एक क्रेडिट के लिए 15 घंटे का लेक्चर अनिवार्य है और दो क्रेडिट के लिए 30 घंटे का लेक्चर। ये एनइपी के अनुसार है।

क्या कहता है विवि

रांची विश्वविद्यालय में आइकेएस और इवीएस की पढ़ाई के लिए सभी कालेजों के शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसके लिए अलग से कोई शिक्षक नहीं है। वहीं विवि की ओर से लाइब्रेरी में किताबें भी मुहैया करायी जाती है।
-डाॅ. स्मृति सिंह, विभागाध्यक्ष पीजी केमेस्ट्री सह पीआरओ, रांची विवि