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    रांची में कचहरी चौक से कांटाटोली तक बनेगी फोरलेन सड़क, 70 करोड़ रुपये होंगे खर्च

    By Sujeet Kumar SumanEdited By:
    Updated: Wed, 10 Feb 2021 04:11 PM (IST)

    Kantatoli Ranchi मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर नगर विकास सचिव ने जल्द काम शुरू करने को कहा है। भूमि अधिग्रहण एवं सड़क चौड़ीकरण में 70 करोड़ खर्च का अनुमान है। डिवाइडर और पक्के नाले का भी प्रावधान है। परामर्शी बहाली के लिए निविदा निकली है।

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    परामर्शी बहाली के लिए निविदा निकली है।

    रांची, राज्य ब्यूरो। राजधानी रांची को जाम से मुक्ति दिलाने एवं सुगम यातायात के लिए सर्कुलर रोड पर कचहरी चौक से कांटाटोली चौक तक फोरलेन सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है। नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस सड़क को फोरलेन बनाने की सहमति फाइल पर दे दी है। सचिव विनय कुमार चौबे ने अधिकारियों को सड़क के चौड़ीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है। सड़क चौड़ीकरण का विस्तृत कार्य प्रतिवेदन (डीपीआर) बनाने तथा परामर्शी बहाल करने के लिए जुडको ने निविदा निकाल दी है।

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    सड़क फोरलेन बनाने एवं भूमि अधिग्रहण करने में लगभग 70 करोड़ रुपये व्यय का अनुमान प्राथमिक तौर पर लगाया गया है। डीपीआर बनने के बाद वास्तविक अनुमानित लागत का आकलन किया जाएगा। कचहरी चौक से कांटाटोली चौक तक सड़क की कुल लंबाई 2.72 किलोमीटर है। हालांकि यह सड़क अभी फोरलेन है लेकिन चौड़ाई कम है। इसलिए अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क को फोरलेन बनाने के क्रम में पूरे मार्ग पर डिवाइडर और पक्के नाले का भी निर्माण कराया जाएगा। चौड़ीकरण के क्रम में भूमि का भी अधिग्रहण किया जा सकता है।

    सड़क को फोरलेन बनाने, बिजली के खंभों और तारों को इधर-उधर करना, डिवाइडर तथा नाले के निर्माण में लगभग 24 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। लालपुर चौक डंगराटोली चौक तक सड़क की लंबाई 2.12 किलोमीटर है तथा जेल चौक से लालपुर चौक तक सड़क की लंबाई 800 मीटर है। पूरी सड़क को फोरलेन बनाने के साथ बगल में नाली का भी निर्माण कराया जाएगा।

    अंडर ग्राउंड बिजली की तार की जगह खंभों पर ही तार लगेंगे। परामर्शी की बहाली के लिए 24 फरवरी को निविदा का निष्पादन किया जाएगा। इसके बाद परामर्शी की बहाली होगी। परामर्शी के डीपीआर बनाने के बाद फोरलेन बनाने के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। डीपीआर बनने के बाद भूमि अधिग्रहण के स्थानों का चिह्नितिकरण किया जाएगा।