पिठोरिया(रांची), जेएनएन। रांची के पिठोरिया थाने के थानेदार पर बिना जांच किए एक स्नातक पार्ट थ्री की छात्रा को जेल भेजने के खिलाफ शनिवार की शाम जनाक्रोश भड़क गया। छात्रा के समर्थन में हजारों लोग पिठोरिया थाना पहुंच गए। सभी थानेदार पर कार्रवाई व छात्रा को शीघ्र रिहा करने की मांग कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर व एएसपी अमित रेणु पहुंचे।

लोगों को समझाया गया और आश्वासन दिया गया कि उनके उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच होगी। अगर थानेदार दोषी होंगे तो उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई होगी। उस फेसबुक पोस्ट की भी जांच होगी और उसमें अगर दूसरा पक्ष भी दोषी होगा तो उन्हें भी बख्‍शा नहीं जाएगा। पुलिस पदाधिकारियों के समझाने के बाद भीड़ शांत हुई और वापस हुई। एहतियात के तौर पर पुलिस पूरे क्षेत्र में गश्त कर रही है।

जानकारी के अनुसार पिठोरिया थानेदार विनोद राम ने अंजुमन कमेटी के आवेदन पर शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कर महज तीन घंटे के भीतर आरोपित छात्रा को जेल भेज दिया। अंजुमन कमेटी ने आवेदन में लिखा था कि उनकी धार्मिक बातों को लेकर एक छात्रा आपसी सौहार्द बिगाडऩे की कोशिश कर रही है। वह दो-तीन दिनों से फेसबुक व वाट्सएप पर धर्म के प्रति आलोचनात्मक बातें लिख रही है। इससे उनका समुदाय आहत है। यह विवाद बढ़ सकता है। अंजुमन कमेटी ने पूरे मामले की छानबीन करने का आग्रह किया था। छात्रा के समर्थन में पिठोरिया थाना पहुंची भीड़ में विहिप, आरएसएस, बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच के रांची जिला के पदाधिकारी व समर्थक मौजूद थे। सभी उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

संवाद दोनों तरफ से था तो एक तरफा कार्रवाई क्यों

दूसरे समुदाय के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अगर संवाद दोनों तरफ से था तो एकतरफा कार्रवाई क्यों की गई। यहां थानेदार ने मनमानी की है। थानेदार पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। वरीय अधिकारियों ने उनकी मांगों पर नियम सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बंद रही एक समुदाय की दुकानें

छात्रा की गिरफ्तारी के बाद पिठोरिया चौक में एक समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

Posted By: Alok Shahi

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