विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चोर-उच्चकों पर नहीं रांची पुलिस व कैमरों की नजर, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर ही कार्रवाई

By Jagran NewsEdited By: Aysha Sheikh
Published: Sun, 10 Sep 2023 01:27 PM (IST)

Ranchi Crime राजधानी में हर इलाके में एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। फिर भी चोर बड़ी चालाकी ...और पढ़ें

चोर-उच्चकों पर नहीं रांची पुलिस व कैमरों की नजर, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर ही कार्रवाई
चोर-उच्चकों पर नहीं रांची पुलिस व कैमरों की नजर, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर ही कार्रवाई

HighLights

  1. एंटी क्राइम चेकिंग में पुलिसकर्मियों द्वारा बरती जा रही है लापरवाही
  2. शहर में 45 ट्रैफिक पोस्ट, लगे हैं ढाई सौ से अधिक कैमरे

जागरण संवाददाता, रांची: राजधानी में चोर-उच्चके सक्रिय हैं। हर दिन चोरी, छिनतई की घटना को अंजाम दे रहे हैं, जबकि हर इलाके में एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

शहर में 45 स्थानों पर ट्रैफिक पोस्ट हैं। हर पोस्ट पर पांच से छह पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। इसके अलावा ढाई सौ से अधिक कैमरों से पूरे शहर की गतिविधि पर नजर रखी जाती है।

फिर भी पुलिस चोर-उच्चकों को पकड़ नहीं पा रही है। सिर्फ ट्रैफिक का नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिसकर्मी सिर्फ उन पर गंभीरता से नजर रखते हैं, जो बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते दिखते हैं।

बाइक और घर में चोरी की घटनाओं से परेशान हैं लोग

शहर में बाइक और घर में चोरी की घटना से लोग परेशान हैं। पुलिस केस दर्ज करती है, लेकिन कार्रवाई करना भूल जाती है। कुछ मामलों चोरों की गिरफ्तारी होती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में पुलिस खुलासा नहीं कर पाती है।

पुलिस विभाग के आकंडों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से जून माह तक 1278 चोरी की घटना हो चुकी हैं। राजधानी में हर दिन छह से सात चोरी की घटनाएं हो रही हैं। हाल यह है कि कुछ घंटों के लिए लोग अपने घर से बाहर जा रहे हैं तो चोरों के द्वारा घटना को अंजाम दे दिया जा रहा है।

चौराहों पर चेकिंग के नाम पर भी होती है खानापूर्ति

शहर में चौक चौराहों पर चेकिंग के नाम पर भी खानापूर्ति होती है। पुलिसकर्मी वाहन चालकों को रोकते हैं और उनका फोटो लेते हैं। फोटो लेने के बाद कोई चेकिंग नहीं होती है।

इसके अलावा पुलिसकर्मी ज्यादातर उन्हीं वाहन चालकों को रोकते हैं, जो प्रतिदिन एक ही समय पर उस चौक-चौराहे से कार्यालय से निकलकर घर जाते हैं। इस वजह से कई बार पुलिसकर्मी और लोगों में विवाद हो जाता है।