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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ranchi Tourism: तीन माह तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा अभयारण्य, सौंदर्यता के लिए होंगे कई काम

By Dibyanshu Kumar Edited By: Rajesh Kumar
Published: Sun, 06 Jul 2025 08:51 AM (IST)

रांची के सभी वन्यजीव अभ्यारण्य सितंबर तक बंद रहेंगे। पलामू टाइगर रिजर्व और दलमा अभ्यारण्य जैसे स्थान वन्यजीवों के प्रजनन ...और पढ़ें

रांची के सभी वन्यजीव अभ्यारण्य सितंबर तक बंद रहेंगे। फाइल फोटो
रांची के सभी वन्यजीव अभ्यारण्य सितंबर तक बंद रहेंगे। फाइल फोटो

HighLights

  1. वन्यजीव अभ्यारण्य सितंबर तक बंद |
  2. प्रजनन काल में शांति बनाए रखने के लिए |
  3. लकड़ी तस्करों से निपटने के लिए निगरानी |

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य के सभी वन्य जीव अभ्यारण्य इस वर्ष सितंबर तक बंद रहेंगे। पलामू टाइगर रिजर्व, दलमा अभ्यारण्य समेत सभी अभ्यारण्य बरसात के मौसम में वन्यजीवों के प्रजनन व प्रजनन के लिए जुलाई से सितंबर तक बंद रखे जाते हैं।

इस दौरान वन्यजीवों को शांतिपूर्ण माहौल मिलता है। स्तनधारी जीव साल भर प्रजनन करते हैं। लेकिन जुलाई से सितंबर तक का महीना बाघ, हिरण, चीतल जैसे वन्यजीवों के लिए खास होता है। ये जानवर तीन महीने तक वन क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल में अपना कुनबा बढ़ाने की कोशिश करेंगे।

वन एवं पर्यावरण विभाग ने इस दौरान पौधरोपण की योजनाएं भी शुरू की हैं। इससे जंगलों में वन्यजीवों के साथ-साथ वनस्पति और हरियाली बढ़ेगी। पलामू टाइगर रिजर्व से कुछ आबादी स्थानांतरित की गई है। इससे वन्यजीवों को घूमने और शिकार करने के लिए लंबे घास के मैदान मिल गए हैं। बारिश में लंबी घास होने के कारण उनके लिए छिपना और शिकार करना भी आसान होता है।

वन क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी

पर्यटन गतिविधियां नहीं होने के कारण बेतला नेशनल पार्क समेत अन्य वन क्षेत्रों में लकड़ी तस्कर भी सक्रिय हैं। इसके चलते बरसात के मौसम में वनकर्मी गश्त और निगरानी बढ़ा देते हैं। लकड़ी तस्करों को रोकने के लिए ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जाता है। जंगल में कच्चे रास्तों पर आवाजाही भी प्रतिबंधित कर दी जाती है।