रांची में पोक्सो मामले में कोचिंग संचालक बरी, अदालत ने किसे बनाया फैसले का आधार
रांची के पोक्सो अदालत ने कोचिंग संचालक पशुपति नाथ कुशवाहा को नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म और ब्लैकमेल के आरोपों से मुक्त कर दिया है। कुशवाहा पर अश्लील वीडियो बनाने और पैसे मांगने का आरोप था। दो छात्राओं ने अभिभावकों को जानकारी दी जिसके बाद हंगामा हुआ। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में यह फैसला सुनाया।

राज्य ब्यूरो, रांची। पोक्सो की विशेष अदालत ने शुक्रवार को नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म और ब्लैकमेल के आरोपित कोचिंग संचालक पशुपति नाथ कुशवाहा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सूजय दयाल ने मामले में अदालत में पक्ष रखा।
बताया कि आरोपित रातू के रवि स्टील, झिरी रोड के पास कुशवाहा कोचिंग सेंटर चलाता था। उस पर नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म कर उनके अश्लील वीडियो बनाने और फिर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया था। उन पर घर से जेवर और पैसे लाने का दबाव डालने के भी आरोप लगा था।
प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब दो छात्राओं ने अपने अभिभावकों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अभिभावकों ने ग्रामीणों के साथ छह जून 2023 को कोचिंग सेंटर पहुंचकर हंगामा किया था। मामला पुलिस तक पहुंचा और प्राथमिकी दर्ज की गई।
अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों को पेश किया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से दो गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने और साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद अदालत ने निर्णय सुनाया।
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