ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने जागरण राउंड टेबल कार्यक्रम में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा ग्रामीण इलाकों में गुणवत्तापूर्ण सड़कों के निर्माण के साथ पुरानी सड़कों की मरम्मत पर भी हमारा फोकस है। हम शीघ्र ही 3500 किमी ग्रामीण सड़कों के लिए टेंडर निकालने जा रहे।
By Ashish JhaEdited By: Mohit TripathiUpdated: Sun, 11 Dec 2022 03:40 PM (IST)
रांची, राज्य ब्यूरो: ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने जागरण राउंड टेबल कार्यक्रम में अपने कार्यकाल की जानकारी देते हुए कहा कि, राज्य सरकार पहली बार ग्रामीण इलाकों में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कराने जा रही है और पुरानी सड़कों की मरम्मत पर भी हमारा फोकस है। अन्यथा होता यह था कि, ग्रामीण इलाकों में एक तरफ से सड़कें बनती थीं और दूसरी तरफ से वे टूटने लगती थीं। हमने सुनिश्चित कर दिया है कि, नई सड़कों की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर की हो ताकि ये अधिक दिनों तक उपयोगी हो सकें।
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3500 किमी ग्रामीण सड़कों के लिए टेंडर
राज्य में शीघ्र ही 3500 किमी ग्रामीण सड़कों के लिए टेंडर होने जा रहा है और केंद्र सरकार ने भी 3300 किमी सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। तमाम पुल-पुलियों के एप्रोच रोड के लिए भूखंडों के अधिग्रहण की अनुमति विभाग को दी गई है।अब तमाम पुलों के साथ एप्रोच रोड भी बनी होगी।
आवास प्लस योजना के तहत इकाइयों की सख्या बढ़ाने की मांग
प्रधानमंत्री आवास योजना में पीछे रहने की बात स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि, पिछली सरकार में ही बैकलाग बहुत था। इसके अलावा कोरोना महामारी और एनजीटी आदेश के कारण बालू की किल्लत ने योजनाओं की रफ्तार धीमी कर दी। अब हम लोग आवास प्लस योजना के तहत इकाइयों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री से आग्रह कर चुके हैं और अब एक बार मुख्यमंत्री के स्तर से भी उनसे बातचीत करने की कोशिश की जाएगी।
गड़बड़ी करने वाला कोई भी हो बचेगा नहीं
दैनिक जागरण मुख्यालय में पूरे राज्य के पत्रकारों से संवाद करते हुए मंत्री ने कहा कि, इस सरकार में गड़बड़ी करने वाले कोई भी हों, वे बचेंगे नहीं। सरकार सभी शिकायतों पर कार्रवाई कर रही है। तमाम मामलों में विभागीय स्तर से कमेटियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि, झारखंड सरकार पहली बार विभागीय स्तर से सड़कों की मरम्मत के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर रही है। पूर्व में ऐसा विधायकों की अनुशंसा पर ही होता था।
मनरेगा को दी प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि, मनरेगा को राज्य सरकार ने प्राथमिकता में रखते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए और 12 लाख मानव दिवस तक का लक्ष्य हासिल किया। बड़े लक्ष्य निर्धारित किए जाने के बावजूद गड़बड़ियों पर नजर रही और जहां भी ऐसे मामले पकड़ में आए, हमने कार्रवाई की, मुकदमे भी हुए और अधिकारी तक सस्पेंड हुए हैं। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि कई प्रखंडों में मनरेगा गाइडलाइन की अनदेखी कर जितने भी काम हुए हैं और जिनकी जानकारी मिली है, उसके खिलाफ विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई चल रही है।
छत्तीसगढ़, राजस्थान के बाद हिमाचल बना उदाहरण
आलमगीर आलम ने स्वीकार किया कि कांग्रेस ने गुजरात में बहुत ही खराब प्रदर्शन किया है लेकिन उन्होंने हिमाचल में जीत की भी चर्चा की।उन्होंने कहा कि, कांग्रेस की यह जीत केंद्र सरकार की विफलताओं का प्रतिबिंब है। गुजरात प्रधानमंत्री का गृह राज्य है और वहां उन्हें अपने लोगों का प्यार मिला है लेकिन जहां कांग्रेस-भाजपा का सीधा मुकाबला है उन प्रदेशों में कांग्रेस की वापसी हो रही है। छत्तीसगढ़, राजस्थान के बाद हिमाचल भी इसका उदाहरण बना है।
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