विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पारसनाथ पहाड़ पर निर्माण की वैधता जांचें गिरिडीह डीसी, जैन संस्था की याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट का निर्देश

Published: Fri, 14 Aug 2026 10:18 AM (IST)

रांची हाई कोर्ट ने गिरिडीह डीसी को पारसनाथ पहाड़ के आसपास हुए निर्माण की वैधता की जांच कर 3 सितंबर ...और पढ़ें

अदालत ने पारसनाथ पर गिरिडीह डीसी से मांगी रिपोर्ट।

अदालत ने पारसनाथ पर गिरिडीह डीसी से मांगी रिपोर्ट।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने गिरिडीह डीसी को जांच का आदेश दिया।

  2. पारसनाथ पहाड़ पर निर्माण की वैधता की होगी जांच।

  3. डीसी को 3 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करनी होगी।

राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में जैन धर्म के पवित्र धार्मिक स्थल पारसनाथ पहाड़ पर और उसके आसपास हुए निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने गिरिडीह के उपायुक्त को स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने डीसी को यह भी जांच करने को कहा है कि पहाड़ के आसपास हुए निर्माण वैध हैं या अवैध। अदालत ने तीन सितंबर तक उपायुक्त को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि पारसनाथ पहाड़ पर निर्माण से संबंधित रिपोर्ट गिरिडीह डालसा ने पहले दाखिल की थी। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि संबंधित निर्माण वैध है या अवैध। इस पर अदालत ने गिरिडीह डीसी को स्वयं स्थल का निरीक्षण कर निर्माण की स्थिति और उसकी वैधता की जांच करने का निर्देश दिया।

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रदीप संचेती और शुभम कटारूका ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने पारसनाथ पहाड़ के धार्मिक महत्व और वहां निर्माण से जुड़े मुद्दों को अदालत के समक्ष रखा।

जैन संस्था ज्योत की ओर से पारसनाथ पहाड़ को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि पारसनाथ पहाड़ जैन धर्मावलंबियों का अत्यंत पवित्र धार्मिक स्थल है। केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की गई थी।

इसमें कहा गया था कि पारसनाथ पहाड़ी पर किसी भी प्रकार का कार्य जैन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। 

यह भी पढ़ें- डॉक्टर साहब को भारी पड़ी तलाक की जिद, पत्नी-बच्चों को देने होंगे 90 लाख; झारखंड हाई कोर्ट का अहम आदेश

यह भी पढ़ें- 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा रद करने की मांग पर झारखंड हाई कोर्ट ने अभ्यर्थियों से मांगा जवाब

यह भी पढ़ें- रेलवे के टिकट परीक्षक कर्मियों के मामले में कैट का आदेश झारखंड हाई कोर्ट से निरस्त, फिर से भेजा गया ट्रिब्यूनल

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।