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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cyber Fraud: फिंगरप्रिंट के बाद आइरिस स्कैन के सहारे ठगी, महिला के खाते से उड़ाए 10 हजार

Published: Sun, 24 Aug 2025 04:17 PM (IST)

रमकंडा में साइबर ठगों ने एक महिला के खाते से आइरिस स्कैन कर 10 हजार रुपये उड़ा लिए। पीएम किसान ...और पढ़ें

साइबर ठगों ने तरीका बदला, आइरिस स्कैन कर महिला के खाते से उड़ाए पैसे
साइबर ठगों ने तरीका बदला, आइरिस स्कैन कर महिला के खाते से उड़ाए पैसे

HighLights

  1. साइबर ठगों ने आइरिस स्कैन से की ठगी |
  2. महिला के खाते से उड़ाए 10 हजार रुपये |
  3. पुलिस ने ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा |

संवाद सूत्र, रमकंडा (गढ़वा)। साइबर ठग अब ठगी करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। पहले फिंगरप्रिंट के जरिये ठगी करते थे। लेकिन ताजा मामले में ठगों ने आइरिस स्कैन (आंख की पुतली स्कैन) का सहारा लेकर महिला के बैंक खाते से 10 हजार रुपये उड़ा लिए।

ऐसा ही गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड के बिराजपुर गांव में ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस गांव के स्वर्गीय जगनारायण सिंह की पत्नी कालो देवी को पीएम किसान योजना का लाभ दिलाने के बहाने अज्ञात ठगों का वह शिकार हो गई। पीड़िता के अनुसार, बीते शुक्रवार को एक अनजान युवक गांव पहुंचा और उससे आधार कार्ड मांगा।

इसके बाद महिला को खड़ा कर उसकी आंख (आइरिस) स्कैन कर ली। इसी प्रक्रिया के जरिए ठग ने उनके बैंक खाते से नौ हजार नौ सौ रुपये की निकासी कर ली। जाते-जाते उसने आधार कार्ड लौटाते हुए महिला से सात सितंबर को पंचायत भवन पर कागजात लेकर पहुंचने की बात कही।

रविवार को जब कालो देवी सीएसपी से पैसे निकालने गई, तब इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि बेटे की शादी तय है और इसी सिलसिले में स्वयं सहायता समूह से लोन लेकर खाते में पैसा जमा किया था।

खाते से रकम गायब होने पर वह मायूस हो गईं और बैंक से जांच कर राशि लौटाने की गुहार लगाई है। इधर, रमकंडा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को निजी दस्तावेज न सौंपें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। ताकी पुलिस जांच कर करवाई कर सके।