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Ramgarh हाथियों ने फिर ली दो लोगों की जान, दहशत से स्कूलों में छुट्टी

By Rakesh Roshan Ricky Edited By: Kanchan Singh
Published: Fri, 19 Dec 2025 05:40 PM (IST)Updated: Fri, 19 Dec 2025 05:46 PM (IST)

झारखंड के रामगढ़ में हाथियों का आतंक जारी है। हाथियों ने दो लोगों को मार डाला। इस घटना से इलाके ...और पढ़ें

कुजू क्षेत्र में विचरण कर रहा हाथियों का झुंड

कुजू क्षेत्र में विचरण कर रहा हाथियों का झुंड

HighLights

  1. रामगढ़ में हाथियों ने दो लोगों को मार डाला

  2. इलाके में दहशत का माहौल

  3. वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी

संवाद सूत्र, कुजू(रामगढ़)। वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र में चार लोगों की जान लेने के बाद भी हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग द्वारा हाथियों को इस क्षेत्र से निकालने की पहल कारगर नहीं हो रही है। इधर हाथियों ने कुल छह लोगों की जान ले ली है। 

वहीं सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र के कई विद्यालयों को फिलहाल बंद कर दिया गया है। शुक्रवार को अहले सुबह हाथियों ने सीसीएल करमा परियोजना की कैंटीन के पीछे एक ग्रामीण को मार डाला। वहीं रामगढ़ के कुंदरू सरैया ईंट भट्ठा में कार्य करने वाली एक महिला कर्मी की भी जान ले ली।

बताया जाता है कि सुगिया निवासी लोकनाथ मुंडा (40वर्ष) पिता स्व.जगदीश मुंडा सुबह करीब 4 बजे जलावन का कोयला लाने के लिए करमा कैंटीन के समीप से गुजर रहा था। अत्याधिक धुंध होने की वजह से उसे दिखाई नहीं पड़ा और उसका सामना हाथियों से हो गया।

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एक हाथी ने उसे पटक-पटक कर मौत की नींद सुला दी। इधर कुंदरू, सरैया, रामगढ़ स्थित ईंट भट्ठे में कार्य करने वाली महिला कर्मी काजल देवी (32वर्ष) पति कलिंदर पासवान पर सुबह करीब साढ़े छह बजे हाथियों ने हमला बोल दिया।

उसे मौत के घाट उतार दिया। काजल देवी मूल रूप से चिरु, शरमेरा, नालंदा, बिहार निवासी थी। कुजू वनक्षेत्र पदाधिकारी बटेश्वर पासवान द्वारा मृतकों के स्वजनों को दाह संस्कार के लिए तत्काल 25-25 हजार रुपये की राशि बतौर मुआवजा प्रदान की गई है।

वहीं प्रति मृतक शेष राशि 3 लाख 75 हजार रुपये स्वजनों को कागजी प्रक्रिया के बाद दे दी जाएगी। इधर हाथियों द्वारा आधा दर्जन लोगों को असमय मौत दिए जाने के बाद क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल है।

लोग कहीं आने-जाने से खौफ खा रहे हैं। वनकर्मी झुंड से भटके हाथियों के अलग-अलग समूहों को दिशा दिखाने को लेकर रात-दिन लगे हुए हैं। वहीं ग्रामीण भी अपने स्तर से सुरक्षात्मक कदम उठा रहे हैं। लेकिन मतवाले गजराजों का उत्पात बदस्तूर जारी है।

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