यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Teachers Protest: MACP को लेकर प्राइमेरी टीचरों का आमरण अनशन शुरू, आर-पार की लड़ाई के लिए शिक्षक तैयार
सोमवार से सुनिश्चित वृत्ति योजना (एमएसीपी) की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने आमरण अनशन को शुरू कर दिया है। ...और पढ़ें

HighLights
- अन्य राज्य कर्मियों की तरह शिक्षकों को भी लाभ देने की मांग
- शिक्षकों ने लगाया लाभ देने में भेदभाव करने का आरोप
- बिहार के शिक्षक भी ले रहें है एसएसीपी का लाभ
राज्य ब्यूरो, रांची। सुनिश्चित वृत्ति योजना (एमएसीपी) की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षकों का राजभवन के समक्ष आमरण अनशन सोमवार को शुरू हो गया। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले इस अनशन में दूसरे शिक्षक संघों का भी साथ मिला।
राज्य कर्मियों की तरह शिक्षकों को भी एमएसीपी लाभ देने की मांगों के समर्थन में सभी प्राथमिक शिक्षक संघ, झारखंड प्लस 2 शिक्षक संघ, झारखंड प्रदेश संयुक्त मोर्चा, एमएसीपी संघर्ष मोर्चा से जुड़े शिक्षक भी पहले दिन अनशन पर बैठक।
आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए शिक्षक तैयार
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनूप केसरी, महासचिव राममूर्ति ठाकुर व मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद आदि ने अनशन स्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार आंदोलन में आर-पार की लड़ाई लड़ने को शिक्षक तैयार हैं।
राज्य के अन्य कर्मियों को एमएसीपी का लाभ मिल रहा है, जबकि शिक्षकों के किसी संवर्ग को यह लाभ नहीं मिल रहा है। शिक्षकों के साथ यह दोहरी नीति है। शिक्षक पूरे सेवाकाल में बिना वित्तीय लाभ के सेवानिवृत होने को बाध्य हैं। बिहार में शिक्षकों को भी इसका लाभ मिल रहा है, लेकिन झारखंड में नहीं।
शिक्षकों के छठे वेतनमान के वेतन निर्धारण में हुई विसंगति भी दूर नहीं हुई है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर शिक्षक अनशन को मजबूर हुए।
कौन-कौन अनशन पर बैठा
पहले दिन अनशन पर बैठने वालों में संघ के नेताओं के अलावा असदुल्लाह, संतोष कुमार, दीपक दत्ता, अनिल कुमार सिंह, हरेकृष्ण चौधरी, राकेश कुमार, अजय ज्ञानी, प्रभात कुमार, सलीम सहाय, कृष्णा शर्मा, अमरनाथ झा आदि सम्मिलित है।
