यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत झारखंड में बांटे गए 3689 करोड़ के ऋण... छोटे उद्यम लगाने वालों को लाभ
Pradhan Mantri Mudra Yojana प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत झारखंड में 740543 खाता खोला गया है। ऋण वितरण से छोटे ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। Pradhan Mantri Mudra Yojana केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना झारखंड में अन्य योजनाओं की अपेक्षा बेहतर परिणाम दे रही है। आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। राज्य में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत झारखंड में समेकित रूप से बैंकों ने 3689.38 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है। यह कर्ज 7,40,543 लाभुकों को अपेक्षाकृत छोटे उद्यम शुरू करने के लिए मुहैया कराया गया है। इसके तहत औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से संबद्ध उद्यमों के लिए भी मुद्रा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुद्रा योजना के तहत नए उद्यम के साथ-साथ पुराने व्यवसाय के लिए भी लोन की सुविधा दी जाती है।
झारखंड में मुद्रा योजना के तहत बैंकों के स्तर से उपलब्ध कराए गए कर्ज को एक निगाह देखने से यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि छोटा-छोटा व्यवसाय शुरू करने वालों को इस योजना से विशेष लाभ हुआ है।
एसएलबीसी की गत वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट बताती है कि सर्वाधिक ऋण शिशु योजना के तहत दिया गया है, जिसकी सीमा पांच से 50 हजार तक होती है और लाभुक का योगदान शून्य होता है। वहीं, किशोर ऋण की सीमा 50001 से पांच लाख है। इस श्रेणी के लोन के लिए लाभुक का अंशदान 25 प्रतिशत होता है। वहीं, तरुण ऋण जिसकी सीमा 10 लाख है के लिए भी लाभुक को 25 प्रतिशत अंशदान करना होता है।
झारखंड में मुद्रा योजना के तहत वितरित ऋण
- ऋण का प्रकार -- खातों की संख्या-- राशि
- शिशु -- 579348 -- 1591.37
- किशोर -- 150180 -- 1,374.24
- तरुण -- 11,015 -- 723.77
- कुल -- 740543 -- 3689.38
निजी बैंकों ने भी दिखाई रुचि
आम तौर पर निजी बैंक सरकारी योजनाओं से दूरी बनाते हैं, लेकिन मुद्रा योजना में ऐसा नहीं हुआ। मुद्रा योजना को लेकर बैंकों की सक्रियता को यदि देखें तो सबसे बेहतर प्रदर्शन निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक का रहा है। इंडसइंड बैंक ने मुद्रा योजना के तहत 1749.22 करोड़ का ऋण वितरित किया, जबकि एचडीएफसी बैंक ने भी इस योजना के तहत 53.58 करोड़ का ऋण मुहैया कराया। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्टेट बैंक ने 402.17 करोड़ केनरा बैंक ने 173 करोड़ और बैंक आफ इंडिया ने 122.26 करोड़ ऋण का वितरण मुद्रा योजना के तहत किया। बैंक आफ महाराष्ट्र, पंजाब एंड ङ्क्षसध, इंडियन ओवरसीज, कोटक महेंद्रा बैंक का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। झारखंड राज्य सहकारी बैंक ने मुद्रा योजना के तहत किसी को भी लोन नहीं दिया।
