अंधेरे में डूबे झारखंड के गांव, ट्रांसफार्मर के लिए महीनों करना पड़ रहा इंतजार, विभाग के दावे फेल
रांची में बिजली विभाग ट्रांसफार्मर बदलने के अपने दावों को पूरा करने में विफल रहा है जिससे कई गाँव महीनों से अंधेरे में हैं। विभाग के पास पर्याप्त ट्रांसफार्मर नहीं हैं इसलिए ग्रामीणों को चंदा करके मिस्त्री और गाड़ी का इंतजाम करना पड़ रहा है। अनगड़ा और सिल्ली जैसे क्षेत्रों में ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर बदलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा और अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़े।

जागरण संवाददाता, रांची। शहर में 4 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने व ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने के मामले में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की सारे दावे विफल साबित हो रहेे है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक गांव महीनों से अंधेरे में है।
जहां ट्रांसफार्मर बदलने में विभाग के पसीने छूट रहे हैं। विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में ट्रांसफार्मर भी नहीं है, जिसके कारण एक ट्रांसफार्मर बदलने में महीनों का समय लग रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए ग्रामीणों को चंदा कर मिस्त्री व गाड़ी दोनों ही अपने पैसे से जुगाड़ करने पड़ रहे है।
वाहन के कमी, खुद के पैसे से ग्रामीण मरम्मत के लिए पहुंचा रहे ट्रांसफार्मर
विभाग के पास ट्रांसफार्मर लेकर आने-जाने के लिए रांची जिले में मात्र पांच ही वाहन है। इसमें भी कई वाहनों की स्थिति जर्जर है। जिसके कारण ग्रामीणों को अपने पैसे से वाहन किराये में लेकर ट्रांसफार्मर लाने-जाने का काम करते है।
इतना ही नहीं बल्कि ट्रांसफार्मर खुलवाने के लिए भी ग्रामीण अपने पैसे से ही बिजली मिस्त्री बुलवाते है। यह मामला कई जगहों पर सामने आ चुका है।
भंडारण में 25 केवी के ट्रांसफार्मर 5 ही है मौजूद
कोकर के भंडारण में 500 केवी, 200 केवी, 100केवी, 63 केवी, 25 केवी और 10 केवी के ट्रांसफार्मर रहते है। लेकिन फिलहाल 25 केवी के 5 ट्रांसफार्मर के अलावा दूसरा कोई भी ट्रांसफार्मर मौजूद नहीं है।
अधिकारी बताते है कि ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग वर्कशाप से ही रिपेयर होकर बिजली व्यवस्था को जिंदा रखा गया है। प्रत्येक दिन 10 से 12 ट्रांसफार्मर बनकर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंच रहे है।
अनगड़ा के बीसा पंचायत भवन के पास 25 केवी का ट्रांसफार्मर पिछले दो सप्ताह से खराब है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है, लेकिन इसके बाद भी विभाग की ओर से
अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोग अंधेरे में जीवन बिताने को विवश है।
सिल्ली के डोमनडीह गांव में दो महीने से 25 केवी ट्रांसफार्मर खराब पड़ा था। जिसकी शिकायत जेई, एसडीओ समेत कई वरीय अधिकारी को दी गई। लेकिन इसके बाद भी ट्रांसफार्मर बदलने में ढाई महीने से अधिक समय लग गया।
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर बदलने में लगभग 7 हजार रुपये लग गए। ढाई हजार रुपये टेंपो किराया और 4 हजार रुपये मिस्त्री चार्ज लग गया। विभाग की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं दी गई।
अनगड़ा के बंधुवाडीह में पिछले एक महीने से 25 केवी का ट्रांसफार्मर खराब है। मुखिया व ग्रामीण बार-बार ट्रांसफार्मर रिपेयर करने की लिखित शिकायत देते है। लेकिन इसके बाद भी विभाग की ओर से महीनों से कोई ठाेस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
ग्रामीण महीनों से अंधेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका मोबाइल तक बिजली नहीं होने के कारण बंद पड़ गया है। बिजली विभाग लोगों की सुनने को तैयार नही है।
बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की लगभग 25 से 30 लिखित शिकायतें सामने आई है। शिकायते दूर करने का प्रयास युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। रोजाना टीआडब्ल्यू से 10 से 12 ट्रांसफार्मर बनवाकर अलग-अलग क्षेत्रों में भेज रहे है। नया ट्रांसफार्मर कम है।-डीएन साहू, अधीक्षण अभियंता, रांची सर्किल, जेबीवीएनएल
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