रांची, जासं। Jharkhand News राज्य सरकार के खान एवं उद्योग विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। यहां अवैध खनन सहित भ्रष्टाचार के रुपये नीचे से लेकर ऊपर तक अधिकारियों से लेकर सफेदपोशों तक पहुंच रहा है। निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल, उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार व अन्य सहयोगियों ने अब तक की पूछताछ में इसे पुष्ट कर दिया है। इस पूरे रैकेट का खुलासा होना जरूरी है, इसलिए ईडी को पूछताछ के लिए और वक्त दिया जाय। ईडी ने यह जानकारी ईडी के विशेष जज पीके शर्मा के आवासीय कार्यालय में दी है।

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ईडी ने चार प्रमुख तर्कों के साथ अदालत से आग्रह किया कि निलंबित आइएएस पूजा सिंघल के लिए नौ दिन और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के लिए पांच दिनों तक रिमांड दिया जाए। अदालत ने ईडी के तर्क व दोनों पक्षों की बहस के बाद निलंबित आइएएस पूजा सिंघल व उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए चार-चार दिनों के रिमांड को मंजूरी दी। अब दोनों से 20 मई तक ईडी अपने कार्यालय में पूछताछ कर सकता है। ईडी की ओर से केस की पैरवी विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने की।

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ईडी के चार तर्क, जिसे आधार बनाकर मांगा था रिमांड

  1. निलंबित आइएएस पूजा सिंघल के मोबाइल को ईडी ने जब्त किया था। उस मोबाइल के वाट्सएप चैट सहित अन्य गोपनीय जानकारी के लिए ईडी ने केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) दिल्ली में भेजा था। मोबाइल की जांच संबंधित सीएफएसएल की रिपोर्ट ईडी को मिल गई है। इसमें कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। चैटिंग से संबंधित कई सवाल का जवाब अभी ईडी को नहीं मिला है, जिसका पता करना अति आवश्यक है। यह रिमांड पर ही पूछताछ में संभव हो पाएगा।
  2. ईडी ने आगे यह भी बताया है कि प्रारंभिक जांच में खान विभाग के भ्रष्टाचार की बातें सामने आई है, जिसमें नीचे से ऊपर तक कई अफसर व सफेदपोश शामिल हैं। इस पूरे रैकेट का खुलासा अभी नहीं हो पाया है। इसके लिए पूछताछ जरूरी है। रिमांड अवधि बढ़ाई जाय, ताकि इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
  3. पूजा सिंघल के पास जितनी संपत्ति है, ये संपत्ति कहां से आई। इसका पूरा ब्योरा अभी प्राप्त नहीं हुआ है। पूछताछ होगी तब ही पूरा मामला सामने आ पाएगा।
  4. पल्स अस्पताल की जमीन खरीद से लेकर निर्माण कार्य तक के ब्योरा अभी तक ईडी को नहीं मिल सका है। अस्पताल की जमीन खरीद से लेकर निर्माण कार्य में किसके पैसे लगे, यह जानना आवश्यक है। पल्स अस्पताल में सिर्फ पूजा सिंघल का ही पैसा लगा है या इसमें किसी अन्य ने भी निवेश किया है, इसकी भी छानबीन की जा रही है। एक-एक दस्तावेज को पूजा सिंघल के सामने रखकर उसका सत्यापन कराया जा रहा है, इस वजह से पूछताछ लंबी खींच रही है।

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चार जिलों के डीएमओ से आमने-सामने होगी पूछताछ

ईडी ने अदालत को बताया कि आरोपितों से प्रारंभिक पूछताछ में चार जिला खनन पदाधिकारियों के बारे में जानकारी मिली है कि वे अवैध खनन का पैसा, काला धन खान विभाग के अधिकारियों से लेकर सफेदपोशों तक पहुंचाई है। जिन जिला खनन पदाधिकारियों के बारे में ईडी ने कोर्ट को बताया है, उनमें डीएमओ दुमका कृष्ण चंद्र किस्कू, डीएमओ पाकुड़ प्रदीप कुमार शाह, डीएमओ साहिबगंज विभूति कुमार व डीएमओ पलामू आनंद कुमार शामिल हैं। अब रिमांड पर निलंबित आइएएस पूजा सिंघल, उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार के सामने सभी संबंधित जिला खनन पदाधिकारियों से पूछताछ होगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट ने भी अपने बयान में यह स्वीकार लिया है कि उसे पूजा सिंघल के कहने पर कुछ खनन पदाधिकारियों ने पैसे भेजे थे।

Edited By: Alok Shahi