रांची, जेएनएन। PM Modi Address Nation Today प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरी लहर के चलते उठे तूफान के बीच मंगलवार को देश के लोगों को संबोधित किया। रात 8 बजकर 45 मिनट पर पीएम मोदी का संबोधन शुरू होते ही देशभर के लोगों के साथ ही झारखंड के लोगों की नजरें भी टीवी स्‍क्रीन पर टिक गईं। पीएम मोदी ने कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपना दुख जताते हुए उनके परिवार के लोगों को ढ़ाढ़स बंधाया।

पीएम मोदी ने कहा कि हम COVID19 की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं। मैं समझता हूं कि आप जिस पीड़ा से गुजर रहे हैं। मैं उन परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं, जिन्होंने COVID के कारण अपने प्रियजनों को खो दिया है। पीएम मोदी ने कोरोना संक्रमण की भयावह हो रही स्थिति पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि इससे पहले की चुनौती बड़ी है, लेकिन हमें इसे अपने संकल्प, साहस और तैयारी के साथ दूर करना है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक करके बहुत कम समय में देशवासियों के लिए वैक्सीन विकसित की हैं। आज दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है। भारत की कोल्ड चेन व्यवस्था के अनुकूल वैक्सीन हमारे पास है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है- त्याज्यं न धैर्यं विधुरेऽपि काले। कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम सही निर्णय लें, सही दिशा में प्रयास करें तभी विजय हासिल कर सकते हैं। इसी मंत्र को लेकर आज देश दिन-रात काम कर रहा है।

पीएम ने आगे कहा कि कल ही वैक्सीनेशन को लेकर एक और अहम फैसला लिया गया है। एक मई के बाद से, 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा। अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा सीधे राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा। मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें, उनसे आग्रह करें कि वो जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों द्वारा दिया गया ये भरोसा उनकी बहुत मदद करेगा कि वो जिस शहर में हैं वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा युवा साथियों से अनुरोध है की वो अपनी सोसायटी में, मोहल्ले में, अपार्टमेंट्स में छोटी छोटी कमेटियां बनाकर COVID अनुशासन का पालन करवाने में मदद करें। हम ऐसा करेंगे तो सरकारों को न कंटेनमेंट जोन बनाने की जरूरत पड़ेगी, न कर्फ्यू लगाने की, न लॉकडाउन लगाने की। आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वो लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। और माइक्रो कन्टेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है।

हम सभी का प्रयास, जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास ये भी है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका, कम से कम प्रभावित हों। वैक्सीनेशन को 18 वर्ष की आयु के ऊपर के लोगों के लिए शुरू करने से शहरों में जो हमारी वर्कफोर्स है, उसे तेजी से कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होगी। ऑक्सीजन प्रॉडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं। राज्यों में नए ऑक्सीजन प्लांट्स हों, एक लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल इस्तेमाल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है।

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