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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'हेमंत सोरेन को अरेस्ट कर दिल्ली ले जाने की बन गया था प्लान, लेकिन...' झामुमो के इस दिग्गज नेता ने किया दावा

By Pradeep singh Edited By: Shashank Shekhar
Published: Mon, 22 Jan 2024 08:21 PM (IST)

ईडी की हेमंत सोरेन से पूछताछ के बाद झारखंड में सियासी कोहराम मचा हुआ है। झामुमो ने इस दौरान आरोप ...और पढ़ें

'हेमंत सोरेन को अरेस्ट कर दिल्ली ले जाने की बन गया था प्लान, लेकिन...' (फाइल फोटो)
'हेमंत सोरेन को अरेस्ट कर दिल्ली ले जाने की बन गया था प्लान, लेकिन...' (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री आवास के पिछले गेट पर CRPF जवान और अधिकारी क्यों गए?- सुप्रियो भट्टाचार्य
  2. क्या वजह है कि बगैर जिलाधिकारी के बुलाए सीआरपीएफ आ गई?- सुप्रियो भट्टाचार्य

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आरोप लगाया है कि 20 जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ के दौरान उन्हें गिरफ्तार करने का षड्यंत्र रचा गया था। रांची एयरपोर्ट पर इसके लिए स्टैंड बाई में एक एयरक्राफ्ट तैयार रखा गया था। उन्हें गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाने की योजना थी।

सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान झामुमो के कार्यकर्ताओं को उकसा कर हिंसा भड़काना चाहते थे। राज्यपाल राजभवन में राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा के लिए तैयार बैठे थे।

झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने किया ये दावा

महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि सीआरपीएफ की गलत कार्रवाई के सारे सबूत उपलब्ध हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों सीआरपीएफ के जवान और अधिकारी सीएम आवास के दूसरे गेट की तरफ से प्रवेश करना चाहते थे? मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के पिछले गेट पर सीआरपीएफ के जवान और अधिकारी क्यों गए?

एक-एक स्थल की वीडियोग्राफी प्रमाण के तौर पर उपलब्ध है। क्या वजह है कि बगैर जिलाधिकारी के बुलाए सीआरपीएफ आ गई? सीआरपीएफ के जवानों ने सीएम हाउस के पास झामुमो कार्यकर्ताओं को उकसाने की कोशिश की। उनके विरुद्ध प्राथमिकी की जानी चाहिए। जिला प्रशासन ने ईडी के अधिकारियों को पूरी सुरक्षा दी। 2000 जवान तैनात किए गए।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कहीं कोई चूक नहीं हुई। उन्हें नौ गाड़ियों के कारकेड के साथ सीएम आवास लाया गया। इसके बावजूद सीआरपीएफ कहां से आ गई? सीआरपीएफ के आइजी, कमांडेंट के विरुद्ध तत्काल एफआइआर दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। वे झामुमो के कार्यकर्ताओं को भड़काना चाहते थे। कार्यकर्ताओं ने धैर्य का परिचय दिया।

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