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    Jharkhand Energy Transmission Corporation: झारखंड ऊर्जा संचरण निगम के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

    By Kanchan SinghEdited By:
    Updated: Sat, 20 Nov 2021 05:18 PM (IST)

    Jharkhand Energy Transmission Corporation एनसीएलएटी ने झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड जेयूएसएनएल को दिवालिया घोषित करने की कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। भुगतान नहीं मिलने के कारण रामजी पावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने निगम के खिलाफ आवेदन दाखिल कर दिवालिया घोषित करने की मांग की थी।

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    एनसीएलएटी ने जेयूएसएनएल को दिवालिया घोषित करने की कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

    रांची, राब्यू। नेशनल कंपनी ला अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड (जेयूएसएनएल) को दिवालिया घोषित करने की कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। काम के एवज में भुगतान नहीं मिलने के कारण रामजी पावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने एनसीएलटी कोलकाता में झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के खिलाफ आवेदन दाखिल कर दिवालिया घोषित करने की मांग की थी। लेकिन एनसीएलटी ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह काल बाधित (ससमय नहीं) है। इस आदेश के खिलाफ रामजी पावर ने एनसीएलएटी में अपील दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने एनसीएलटी के आदेश को गलत मानते हुए उसे दरकिनार कर दिया।

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    ट्रिब्यूनल ने कहा कि कंपनी के आवेदन को ही ससमय माना जाए और झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। रामजी पावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता पांडेय नीरज राय ने बताया कि कंपनी ने राज्य में विद्युतीकरण का काम किया था। विवाद होने के बाद मामला आरबिट्रेशन (मध्यस्थता) में चला गया। जहां से वर्ष 2008 में रामजी पावर को 11 करोड़ रुपये के भुगतान का आदेश हुआ। इसके बाद झारखंड ऊर्जा संचरण निगम ने वर्ष 2010 में कंपनी को इसका भुगतान कर दिया।

    लेकिन वर्ष 2016 में बिना कोई कारण बताए ही जेयूएसएनएल ने रामजी पावर के दूसरे बिल से 11 करोड़ रुपये काट लिया। कंपनी राज्य में विद्युतीकरण का काम कर रही थी। आरटीआइ के जरिए पता चला कि आरबिट्रेशन के बाद भुगतान की रिकवरी की गई है। इससे पहले जेयूएसएनएल ने आरबिट्रेशन के खिलाफ सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जहां से उनकी याचिका खारिज हो गई, लेकिन इसके बाद भी कंपनी को भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद रामजी पावर कंपनी ने जेयूएसएनएल को दिवालिया घोषित करने की मांग को लेकर एनसीएलएटी में याचिका दाखिल की थी।