साल दर साल बढ़ रहा किसानों का ऑनलाइन ट्रेड
रांची किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य दिलाने और देश भर की मंडियों से उन्हें जोड़ने की पहल झारखंड में भी रंग ला रही है। 2016-17 से शुरू की गई कोशिशें साल दर साल बेहतर परिणाम दे रही हैं और राज्य के किसान अब देश भर में अपने उत्पादों को भेज पा रहे हैं।

रांची : किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य दिलाने और देश भर की मंडियों से उन्हें जोड़ने की पहल झारखंड में भी रंग ला रही है। 2016-17 से शुरू की गई कोशिशें साल दर साल बेहतर परिणाम दे रही हैं और राज्य के किसान अब देश भर में अपने उत्पादों को भेज पा रहे हैं। अब केंद्रीय बजट में देश भर की एक हजार मंडियों को ई-नाम से जोड़ने की घोषणा के अमल में आने से परिणाम और बेहतर आने की उम्मीद जगी है।
राज्य में अब तक 19 प्रमुख मंडियों को ई-नाम से जोड़ जा चुका है और इससे 2.10 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं। राज्य में कुल मंडियों की संख्या 28 है, शेष मंडियों को जल्द ई-नाम से जोड़ने की तैयारी है। पिछले साढ़े चार सालों में ऑनलाइन ट्रेडिग का आंकड़ा 1,17,046 क्विंटल तक पहुंच गया है। राज्य के किसानों को अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने से 19.78 करोड़ की आय हुई है। साल दर साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में दिसंबर तक 4.46 करोड़ के उत्पादों की ट्रेडिग ई-नाम के माध्यम से हो चुकी है।
----------
झारखंड में ई-नाम की अब तक की स्थिति :
वर्ष - ट्रेड (क्विंटल में) - ट्रेड वैल्यू (लाख में) - निबंधित किसानों की संख्या
2016-17 - 2617.52 - 62.17 - 2069
2017-18 - 25595.51 - 332.22 - 12829
2018-19 - 35316.25 - 549.16 - 36255
2019-20 - 27309.01 - 588.24 - 140917
2020-21 - 26207.39 - 446.44 - 18252
कुल - 117045.68 - 1978.23 - 210322
-----------------
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।